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छिनैती करने वाले गिरोह का 25 हजार का इनामी गिरफ्तार
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वाराणसी। शहर में मोबाइल और चेन छीनने वाले गिरोह के 25 हजार के इनामी बदमाश वैभव सिंह उर्फ तनिष्क ठाकुर को क्राइम ब्रांच और कैंट पुलिस की संयुक्त टीम ने जेपी मेहता स्कूल के पास से मंगलवार को गिरफ्तार किया। 27 सितंबर 2018 को वरुणा कॉरिडोर से चोरी हुई जेसीबी के मामले में कैंट पुलिस तनिष्क की तलाश कर रही थी। मूल रूप से बिहार के कैमूर जिले का निवासी तनिष्क कैंट थाना की भुवनेश्वर नगर कॉलोनी में रहता है। उसके खिलाफ कैंट थाने के साथ ही कैमूर जिले में भी मुकदमा दर्ज है।
क्षेत्राधिकारी कैंट एएसपी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि जिला जेल में निरुद्ध योगेंद्र यादव के गिरोह के बदमाश शहर में मोबाइल और चेन छीनने का काम करते हैं। योगेंद्र के साथ उसके गिरोह का महेंद्र सेठ और गोलू सोनकर भी जेल में बंद है। क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह को सूचना मिली थी कि योगेंद्र के गिरोह का बदमाश तनिष्क जेपी मेहता स्कूल के पास मौजूद है। इस सूचना पर क्राइम ब्रांच प्रभारी ने इंस्पेक्टर कैंट विजय बहादुर सिंह के साथ घेरेबंदी कर तनिष्क को गिरफ्तार कर लिया। टीम में क्राइम ब्रांच के एसआई प्रदीप यादव, सुमंत सिंह, पुनदेव सिंह, रामभवन यादव, सुरेंद्र मौर्या, घनश्याम वर्मा, कुलदीप सिंह, चंद्रसेन सिंह, रामबाबू भी शामिल रहे।
हॉस्टलों में लेता शरण, दिखाता था आई कार्ड
तनिष्क ने पूछताछ में बताया कि चेन और मोबाइल छीनने की वारदात को अंजाम देने के बाद वह दुर्गाकुंड और कबीर नगर क्षेत्र के हॉस्टलों में शरण लेता था। पुलिस चेकिंग के दौरान जब पकड़ा गया तो कोचिंग का आई कार्ड दिखा कर बच जाता था। बताया कि कोचिंग करने के दौरान ही उसकी दोस्ती गलत लोगों से हुई और वह आपराधिक वारदातों में संलिप्त होता चला गया।
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क्षेत्राधिकारी कैंट एएसपी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि जिला जेल में निरुद्ध योगेंद्र यादव के गिरोह के बदमाश शहर में मोबाइल और चेन छीनने का काम करते हैं। योगेंद्र के साथ उसके गिरोह का महेंद्र सेठ और गोलू सोनकर भी जेल में बंद है। क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह को सूचना मिली थी कि योगेंद्र के गिरोह का बदमाश तनिष्क जेपी मेहता स्कूल के पास मौजूद है। इस सूचना पर क्राइम ब्रांच प्रभारी ने इंस्पेक्टर कैंट विजय बहादुर सिंह के साथ घेरेबंदी कर तनिष्क को गिरफ्तार कर लिया। टीम में क्राइम ब्रांच के एसआई प्रदीप यादव, सुमंत सिंह, पुनदेव सिंह, रामभवन यादव, सुरेंद्र मौर्या, घनश्याम वर्मा, कुलदीप सिंह, चंद्रसेन सिंह, रामबाबू भी शामिल रहे।
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हॉस्टलों में लेता शरण, दिखाता था आई कार्ड
तनिष्क ने पूछताछ में बताया कि चेन और मोबाइल छीनने की वारदात को अंजाम देने के बाद वह दुर्गाकुंड और कबीर नगर क्षेत्र के हॉस्टलों में शरण लेता था। पुलिस चेकिंग के दौरान जब पकड़ा गया तो कोचिंग का आई कार्ड दिखा कर बच जाता था। बताया कि कोचिंग करने के दौरान ही उसकी दोस्ती गलत लोगों से हुई और वह आपराधिक वारदातों में संलिप्त होता चला गया।
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