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राजनीतिक पंडितों को नकारा, आम आदमी को स्वीकारा
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वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राजनीतिक पंडितों पर कटाक्ष करने के साथ ही उन्हें खारिज कर दिया। कहा, उनकी आंख अब भी नहीं खुलती तो तय मानिए कि वे अगली सदी के लिए नहीं हैं। बोले, चुनाव के नतीजों से स्पष्ट हो गया है कि उत्तर प्रदेश के गांव का गरीब व्यक्ति भी देश की सही दिशा के बारे में सोचता ही नहीं, उस दिशा में चलता भी है। यहां के लोगों ने भारत की राजनीति और समाजनीति का विराट रूप का दर्शन कराया।
प्रधानमंत्री ने देश में नकारात्मक धारणा बनाने वालों पर निशाना साधा और बोले, पारदर्शिता और परिश्रम दो ऐसी चीजें हैं, जिनमें हर धारणा को परास्त करने का साहस है। पारदर्शिता और परिश्रम का विकल्प नहीं है। वोट बैंक की राजनीति के लिए विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, हमारे देश के लोकतंत्र को देश की राजनीति ने वोट बैंक के लिए कुचला गया। सामान्य वर्ग के गरीबों को आखिर कब तक इंतजार करना पड़ा। अपनी सरकार के फैसले का जिक्र कर कहा, हममें व्यवस्था सुधारने की हिम्मत है। निष्पक्ष सोच से 10 फीसदी आरक्षण दिया। देश के हर नागरिक को सुविधाएं उसका अधिकार है। व्यवस्था सुधारने में हमें नुकसान हो सकता है। मगर, उसकी चिंता किए बिना देश को आगे बढ़ाना है।
पीएम ने कार्यकर्ताओं से कहा, राजनीतिक नकारात्मकता के माहौल के कारण कई राज्यों में हमारे सैकड़ों कार्यकर्ताओं की हत्याएं हुई हैं। देश में राजनीतिक छुआछूत दिनों दिन बढ़ती जा रही है। कई जगह भाजपा का नाम लेते ही अस्पृश्यता का माहौल बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि जैसे दो शक्ति हैं नीति और रीति, नीति और रणनीति, पारदर्शिता और परिश्रम, वर्क एंड वर्कर हमारे पास हैं। फिर भी राजनीतिक हिंसा और राजनीतिक अस्पृश्यता के दो संकट हमने झेले हैं।
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प्रधानमंत्री ने देश में नकारात्मक धारणा बनाने वालों पर निशाना साधा और बोले, पारदर्शिता और परिश्रम दो ऐसी चीजें हैं, जिनमें हर धारणा को परास्त करने का साहस है। पारदर्शिता और परिश्रम का विकल्प नहीं है। वोट बैंक की राजनीति के लिए विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, हमारे देश के लोकतंत्र को देश की राजनीति ने वोट बैंक के लिए कुचला गया। सामान्य वर्ग के गरीबों को आखिर कब तक इंतजार करना पड़ा। अपनी सरकार के फैसले का जिक्र कर कहा, हममें व्यवस्था सुधारने की हिम्मत है। निष्पक्ष सोच से 10 फीसदी आरक्षण दिया। देश के हर नागरिक को सुविधाएं उसका अधिकार है। व्यवस्था सुधारने में हमें नुकसान हो सकता है। मगर, उसकी चिंता किए बिना देश को आगे बढ़ाना है।
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पीएम ने कार्यकर्ताओं से कहा, राजनीतिक नकारात्मकता के माहौल के कारण कई राज्यों में हमारे सैकड़ों कार्यकर्ताओं की हत्याएं हुई हैं। देश में राजनीतिक छुआछूत दिनों दिन बढ़ती जा रही है। कई जगह भाजपा का नाम लेते ही अस्पृश्यता का माहौल बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि जैसे दो शक्ति हैं नीति और रीति, नीति और रणनीति, पारदर्शिता और परिश्रम, वर्क एंड वर्कर हमारे पास हैं। फिर भी राजनीतिक हिंसा और राजनीतिक अस्पृश्यता के दो संकट हमने झेले हैं।
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