फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   मोबाइल बताएगा कितनी खर्च की बिजली

मोबाइल बताएगा कितनी खर्च की बिजली

Wed, 22 May 2019 01:27 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 22 May 2019 01:27 AM IST
विज्ञापन
मोबाइल बताएगा कितनी खर्च की बिजली
वाराणसी। आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं को बिजली का बिल मोबाइल पर मिलेगा। घर पर मीटर रीडिंग लेने कोई नहीं आएगा। बिजली गई तो कर्मचारी बिना शिकायत के ही फाल्ट दूर करेंगे। यह सब संभव होगा स्मार्ट मीटर से।
विज्ञापन

भिखारीपुर स्थित पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के सभागार में एमडी गोविंद राजू एनएस ने मंगलवार को ईईएसएल के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और स्मार्ट मीटर इंस्टालेशन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। ईईएसएल के प्रतिनिधियों ने बताया कि कई स्थानों पर घर के मालिक के न होने या अन्य कारणों से मीटर नहीं लग पा रहे हैं। इस पर एमडी ने संबंधित क्षेत्रों के एक्सईएन और एसडीओ को सहयोग करने को कहा। बैठक के बाद उन्होंने बताया कि वाराणसी में पांच लाख मीटर लगेंगे। उपभोक्ता को मीटर रीडिंग, ब्रेकडाउन का समय और वोल्टेज प्रोफाइल ऑनलाइन मिल सकेगा। इससे उपभोक्ताओं को हर महीने सही मीटर रीडिंग और बिल मिलेगा। वहीं बिजली कंपनियों को ट्रिपिंग व वोल्टेज आदि समस्याओं में सुधार करने में मदद मिलेगी। मीटर आपूर्ति केंद्र की संस्था ईईएसएल कर रही है। इसके लिए अनुमानित व्यय लगभग 86 रुपये व जीएसटी प्रति मीटर के अनुसार पॉवर कारपोरेशन को चुकाना होगा। कंपनी आठ साल तक मीटर मेंटनेंस का काम करेगी।
विज्ञापन

वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, मऊ, फ तेहपुर, आजमगढ़, मिर्जापुर, मुगलसराय और जौनपुर में 11.47 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं। प्रयागराज में सर्वे चल रहा है। इन शहरों में जल्द ही स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

स्मार्ट मीटर लगने के बाद आईडी व पासवर्ड दिया जाएगा। इसके जरिए मीटर रीडिंग और बिल आदि की जानकारी ऑनलाइन मिल जाएगी। हर दिन की बिजली खपत और बचत के उपाय जान सकेंगे। यह नहीं, उपभोक्ता ग्राफ के जरिए 15 मिनट में खर्च की गई बिजली की जानकारी भी ले सकेंगे। पूरे साल का विद्युत उपभोग का लेखा-जोखा भी मिल जाएगा। बिजली की आपूर्ति बंद होते ही इसकी सूचना सीधे कंट्रोल रूम को मिल जाएगी। इससे बिना शिकायत के ही कर्मचारी फाल्ट दूर कर देंगें।

मीटर रीडिंग के लिए ज्यादा कर्मचारी नहीं लगाने होंगे। रीडिंग का डाटा ऑनलाइन मिल जाएगा और बिल जेनरेट करने में सहूलियत होगी। लोड शैडिंग और भुगतान प्राप्त न होने पर बिजली कनेक्शन एक क्लिक से कट जाएगा। बिजली चोरी और लाइन लॉस कम करने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed