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जिसे गिरफ्तार करने का दावा, वह पहले से लाकअप में-JAUNPUR
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जौनपुर। पुलिस ने 15 मई को जिस अंतर प्रांतीय लुटेरे को महराजगंज थाना क्षेत्र के कंधी पुल के पास से गिरफ्तार करने का दावा किया था, वह 11 मई से ही महराजगंज थाने के लाकअप में बंद था। यह दावा दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता राम उजागिर विश्वकर्मा ने किया है। उन्होंने मानवाधिकार आयोग, डीजीपी, डीएम, एसपी व बार अध्यक्ष से इसकी शिकायत की है। अधिवक्ताओं ने मामले की जांच कराकर चार थानाध्यक्षों और एसपी ग्रामीण के निलंबन की मांग की है।
अधिवक्ता रामउजागिर ने आरोप लगाया कि आरोपी कमलेश बिंद को 11 मई को महाराजगंज बाजार से सादी वर्दी में पुलिस पकड़ कर ले गई थी। अधिवक्ता का कहना है कि वह बहन की लड़की के घर महाराजगंज बाजार चौथ लेकर गए थे। वहीं आरोपी कमलेश बिंद को सादी वर्दी में पुलिस वाले मारपीट रहे थे। बीचबचाव करने पर पुलिस वाले कमलेश को लेकर थाने चले गए।
थोड़ी देर बाद महाराजगंज, बदलापुर, बक्सा व सुजानगंज के थानाध्यक्ष वहां आए और उन्हें व उनके परिवार वालों को घसीटते हुए थाने ले गए। फिर फर्जी मुकदमा दर्ज कर उनका व उनके परिजनों का चालान कर दिया। अधिवक्ता ने बताया कि 13 मई को उनके रिश्तेदार ने थाना महाराजगंज के लॉकअप में बंद लूट के आरोपी कमलेश बिंद की कई फोटो खींचकर वायरल की थी। इसके बाद भी पुलिस ने आरोपी कमलेश व उसके साथियों को 15 मई को मुठभेड़ में पिस्टल, कारतूस, बाइक, मोबाइल व स्कॉर्पियो के साथ गिरफ्तार करने का दावा किया। बताया कि पुलिस ने मुझे और परिजनों पर मुल्जिम को भगाने का आरोप लगाया था। इसलिए खुद को सही साबित करने के लिए लॉकअप में बंद आरोपी को मुठभेड़ में पकड़ा जाना दिखाया। एसपी ग्रामीण संजय राय का कहना है कि अधिवक्ता का आरोप निराधार है।
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अधिवक्ता रामउजागिर ने आरोप लगाया कि आरोपी कमलेश बिंद को 11 मई को महाराजगंज बाजार से सादी वर्दी में पुलिस पकड़ कर ले गई थी। अधिवक्ता का कहना है कि वह बहन की लड़की के घर महाराजगंज बाजार चौथ लेकर गए थे। वहीं आरोपी कमलेश बिंद को सादी वर्दी में पुलिस वाले मारपीट रहे थे। बीचबचाव करने पर पुलिस वाले कमलेश को लेकर थाने चले गए।
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थोड़ी देर बाद महाराजगंज, बदलापुर, बक्सा व सुजानगंज के थानाध्यक्ष वहां आए और उन्हें व उनके परिवार वालों को घसीटते हुए थाने ले गए। फिर फर्जी मुकदमा दर्ज कर उनका व उनके परिजनों का चालान कर दिया। अधिवक्ता ने बताया कि 13 मई को उनके रिश्तेदार ने थाना महाराजगंज के लॉकअप में बंद लूट के आरोपी कमलेश बिंद की कई फोटो खींचकर वायरल की थी। इसके बाद भी पुलिस ने आरोपी कमलेश व उसके साथियों को 15 मई को मुठभेड़ में पिस्टल, कारतूस, बाइक, मोबाइल व स्कॉर्पियो के साथ गिरफ्तार करने का दावा किया। बताया कि पुलिस ने मुझे और परिजनों पर मुल्जिम को भगाने का आरोप लगाया था। इसलिए खुद को सही साबित करने के लिए लॉकअप में बंद आरोपी को मुठभेड़ में पकड़ा जाना दिखाया। एसपी ग्रामीण संजय राय का कहना है कि अधिवक्ता का आरोप निराधार है।
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