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एटीएम खाली, बैंकों में मारामारी
Updated Wed, 02 May 2018 12:48 AM IST
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ज्ञानपुर। सहालग के सीजन में एटीएम और बैंकों में कैश की किल्लत लोगों पर भारी पड़ने लगी है। पखवारे भर से लगातार बैंकों में कैश की कमी चल रही है तो ज्यादातर एटीएम रुपये न होने के कारण शोपीस बन हुए हैं। तीन दिन के अवकाश के बाद मंगलवार को बैंक खुले तो ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। वहीं, 80 फीसदी एटीएम खाली रहे। गिने-चुने एटीएम में पैसे डाले गए तो ग्राहकों की कतारें लग गई। हालांकि चंद घंटे बाद कैश खत्म हो जाने पर बहुत से लोगों को निराश लौटना पड़ा।
एटीएम में कैश की कमी नोटबंदी के बाद वाले हालात की याद दिलाने लगी है। पखवारेभर से जिले के इक्क-दुक्का बैंकों को छोड़कर लगभग सभी बैंकों के एटीएम खाली चल रहे हैं। पैसा डाला भी जाता है तो घंटे-दो घंटे बाद ही फिर एटीएम खाली हो जाते हैं और लोगों की नकदी के लिए इस एटीएम से उस एटीएम की दौड़ शुरू हो जाती है। इसके चलते बैंकों में भी इन दिनों भीड़ बढ़ चली है, लेकिन करेंसी चेस्ट से पर्याप्त मात्रा में कैश नहीं आने के कारण बैंक न तो अपनी रोज की जरूरत पूरी कर पा रहे हैं ना ही एटीएम में कैश रख पा रहे हैं। मंगलवार को तीन दिन की बंदी के बाद बैंक खुले तो लेन-देन के लिए बड़ी संख्या में लोग बैंक पहुंचे। अग्रणी बैंक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम में पैसे रखने का दावा किया गया, लेकिन जिलेभर के कुल 40 एटीएम में से इक्का-दुक्का को छोड़कर किसी भी एटीएम में पैसे नहीं रहे। यही हाल बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, इंडियन बैंक, केनरा बैंक आदि के एटीएम का भी रहा। ज्ञानपुर नगर के प्रोफेसर कॉलोनी स्थित सेंट्रल बैंक के एटीएम पर सुबह आठ बजे से ही लंबी कतार लग गई, जो दोपहर दो बजे के बाद तक छोटी नहीं हुई। इससे लोग परेशान रहे। कई एटीएम का चक्कर काटकर दोपहर करीब सवा 12 बजे बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम पहुंचे शिवानंद को यहां भी मायूसी मिली तो वह मायूस हो गए। कहा कि बैंकों में भारी भीड़ है, एटीएम जवाब दे गए हैं। अब ऐसे में इमर्जेंसी में कैश की जरूरत कैसे पूरी हो। इसी तरह कर्मचारियों को तनख्वाह देने के लिए कई एटीएम का चक्कर लगा चुके व्यवसायी मनीष श्रीवास्तव ने कहा कि बैंक प्रबंधन इन दिक्कतों को लेकर संजीदा नहीं हैं। आम आदमी मुश्किल में है, लेकिन व्यवस्था पर असर नहीं पड़ रहा। उधर एलडीएम अमिताभ सेन ने कहा कि दिक्कत करेंसी चेस्ट से कम पैसे आने की ही है, लेकिन अब एटीएम में पैसे रखे जा रहे हैं। हालांकि इतनी जल्दी एक साथ सभी एटीएम को भरा जाना मुश्किल जरूर है, लेकिन जल्द ही यह समस्या दूर होगी।
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एटीएम में कैश की कमी नोटबंदी के बाद वाले हालात की याद दिलाने लगी है। पखवारेभर से जिले के इक्क-दुक्का बैंकों को छोड़कर लगभग सभी बैंकों के एटीएम खाली चल रहे हैं। पैसा डाला भी जाता है तो घंटे-दो घंटे बाद ही फिर एटीएम खाली हो जाते हैं और लोगों की नकदी के लिए इस एटीएम से उस एटीएम की दौड़ शुरू हो जाती है। इसके चलते बैंकों में भी इन दिनों भीड़ बढ़ चली है, लेकिन करेंसी चेस्ट से पर्याप्त मात्रा में कैश नहीं आने के कारण बैंक न तो अपनी रोज की जरूरत पूरी कर पा रहे हैं ना ही एटीएम में कैश रख पा रहे हैं। मंगलवार को तीन दिन की बंदी के बाद बैंक खुले तो लेन-देन के लिए बड़ी संख्या में लोग बैंक पहुंचे। अग्रणी बैंक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम में पैसे रखने का दावा किया गया, लेकिन जिलेभर के कुल 40 एटीएम में से इक्का-दुक्का को छोड़कर किसी भी एटीएम में पैसे नहीं रहे। यही हाल बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, इंडियन बैंक, केनरा बैंक आदि के एटीएम का भी रहा। ज्ञानपुर नगर के प्रोफेसर कॉलोनी स्थित सेंट्रल बैंक के एटीएम पर सुबह आठ बजे से ही लंबी कतार लग गई, जो दोपहर दो बजे के बाद तक छोटी नहीं हुई। इससे लोग परेशान रहे। कई एटीएम का चक्कर काटकर दोपहर करीब सवा 12 बजे बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम पहुंचे शिवानंद को यहां भी मायूसी मिली तो वह मायूस हो गए। कहा कि बैंकों में भारी भीड़ है, एटीएम जवाब दे गए हैं। अब ऐसे में इमर्जेंसी में कैश की जरूरत कैसे पूरी हो। इसी तरह कर्मचारियों को तनख्वाह देने के लिए कई एटीएम का चक्कर लगा चुके व्यवसायी मनीष श्रीवास्तव ने कहा कि बैंक प्रबंधन इन दिक्कतों को लेकर संजीदा नहीं हैं। आम आदमी मुश्किल में है, लेकिन व्यवस्था पर असर नहीं पड़ रहा। उधर एलडीएम अमिताभ सेन ने कहा कि दिक्कत करेंसी चेस्ट से कम पैसे आने की ही है, लेकिन अब एटीएम में पैसे रखे जा रहे हैं। हालांकि इतनी जल्दी एक साथ सभी एटीएम को भरा जाना मुश्किल जरूर है, लेकिन जल्द ही यह समस्या दूर होगी।
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