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वितीय वर्ष के आखिरी दिन चार करोड़ का लेनदेन
Updated Sun, 01 Apr 2018 01:08 AM IST
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ज्ञानपुर। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन शनिवार को सरकारी दफ्तरों में गहमा गहमी का माहौल रहा। अंतिम दिन करीब चार करोड़ से अधिक का लेनदेन हुआ। शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस समेत अन्य विभागों के वेतन संग अन्य बिलों का भुगतान किया गया।
केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से चलाई जा रही तमाम कल्याणकारी योजनाओं के लिए प्रत्येक वर्ष बजट आवंटित किया जाता है। एक अप्रैल से 31 मार्च तक वित्तीय वर्ष में लेनेदने का लेखाजोखा मार्च के अंतिम समय में तैयार किया जाता है। जिन विभागों की ओर से पैसा नहीं लि या जाता है वह शासन को सरेंडर हो जाता है। मार्च के अंतिम सप्ताह में कई विभागों की ओर से फाइलों को पूर्ण कर पैसे का भुगतान कराया जाता है। शनिवार को मार्च महीने के अंतिम दिन बेसिक, माध्यमिक, विकास विभाग, पुलिस विभाग समेत अन्य विभाग के कर्मचारी वरिष्ठ कोषाधिकारी कार्यालय पर भुगतान को लेकर परेशान दिखे। सुबह 10 बजे से रात करीब आठ बजे तक भुगतान के लंबित फाइलों को निपटाने का काम जारी रहा। बेसिक के लेखाधिकारी सुनील कुमार संग अन्य विभागों के लेखाकार काम को निपटाने में लगे रहे। वरिष्ठ कोषाधिकारी धर्मेन्द्रपति त्रिपाठी ने बताया कि शनिवार को विभिन्न विभागों को करीब चार करोड़ जारी किया गया। जिसमें माध्यमिक शिक्षा को 50 लाख , बेसिक शिक्षा को 20 लाख, स्वास्थ्य विभाग का एक करोड़, कृषि विभाग एक करोड़, पुलिस विभाग एक करोड़, विकास विभाग 20 लाख संग लोक निर्माण विभाग, आरईएस आदि विभागों का बजट आवंटित किया गया।
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केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से चलाई जा रही तमाम कल्याणकारी योजनाओं के लिए प्रत्येक वर्ष बजट आवंटित किया जाता है। एक अप्रैल से 31 मार्च तक वित्तीय वर्ष में लेनेदने का लेखाजोखा मार्च के अंतिम समय में तैयार किया जाता है। जिन विभागों की ओर से पैसा नहीं लि या जाता है वह शासन को सरेंडर हो जाता है। मार्च के अंतिम सप्ताह में कई विभागों की ओर से फाइलों को पूर्ण कर पैसे का भुगतान कराया जाता है। शनिवार को मार्च महीने के अंतिम दिन बेसिक, माध्यमिक, विकास विभाग, पुलिस विभाग समेत अन्य विभाग के कर्मचारी वरिष्ठ कोषाधिकारी कार्यालय पर भुगतान को लेकर परेशान दिखे। सुबह 10 बजे से रात करीब आठ बजे तक भुगतान के लंबित फाइलों को निपटाने का काम जारी रहा। बेसिक के लेखाधिकारी सुनील कुमार संग अन्य विभागों के लेखाकार काम को निपटाने में लगे रहे। वरिष्ठ कोषाधिकारी धर्मेन्द्रपति त्रिपाठी ने बताया कि शनिवार को विभिन्न विभागों को करीब चार करोड़ जारी किया गया। जिसमें माध्यमिक शिक्षा को 50 लाख , बेसिक शिक्षा को 20 लाख, स्वास्थ्य विभाग का एक करोड़, कृषि विभाग एक करोड़, पुलिस विभाग एक करोड़, विकास विभाग 20 लाख संग लोक निर्माण विभाग, आरईएस आदि विभागों का बजट आवंटित किया गया।
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