{"_id":"5aa6d7194f1c1bb2758b50fb","slug":"151520883481-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अहंकार मत पालो, किसी की बुराई न करो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अहंकार मत पालो, किसी की बुराई न करो
Updated Tue, 13 Mar 2018 01:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भदोही। मर्यादपट्टी स्थित रामलीला मैदान में चल रहे सत्संग में साध्वी कृष्णा माता ने कहा कि अहंकार से बचो और दूसरों की बुराई न करो। परमात्मा ने इस धरती पर जिस उद्देश्य से भेजा है, उसे पूरा करो। अहंकार मत पालो, यह तुम्हारे लिए घातक है।
कृष्णा माता ने कहा संसार में जो ज्ञान हासिल करते हो, उसे अच्छे कर्मों में इस्तेमाल करो। अपनी आत्मा को स्वच्छ रखो। आत्मा परमात्मा का रुप होता है। अपनी सोच और जीवन सकारात्मक रखोगे तो अच्छे फल मिलेंगे। अपने से कमजोर को परेशान करने अथवा दुख पहुंचाने से ईश्वर नाराज होता है।
माता ने कहा कि दृष्टि हमेशा भगवान के चरणों में लगानी चाहिए, इससे सुख समृद्धि चल कर आएगी और मनुष्य संयासी होगा। सत्संग के माध्यम से संत तुम्हें जगाता है, ताकि तुम अच्छे कर्म कर परमात्मा को प्राप्त कर सको। वहीं, राजेंद्र प्रसाद महाराज ने कहा कि एकाग्र मन से किए गए सत्कर्म सफलता के शिखर तक पहुंचाते हैं। कहा कि निजी स्वार्थ में किसी की झूठी प्रशंसा नहीं करनी चाहिए। प्रसाद वितरण के साथ तीसरे निशा का समापन हुआ। ब्रिज भूषण यादव, महेश बरनवाल, अनिल बरनवाल, अरविंद बरनवाल, पंकज जायसवाल, रविंद्र गुप्ता, विनय उमर, रमेश जायसवाल, विनीत बरनवाल, उमाकांत राय, मनोहर विश्वकर्मा, उमेश विश्वकर्मा, संजय मोदनवाल, संजीव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कृष्णा माता ने कहा संसार में जो ज्ञान हासिल करते हो, उसे अच्छे कर्मों में इस्तेमाल करो। अपनी आत्मा को स्वच्छ रखो। आत्मा परमात्मा का रुप होता है। अपनी सोच और जीवन सकारात्मक रखोगे तो अच्छे फल मिलेंगे। अपने से कमजोर को परेशान करने अथवा दुख पहुंचाने से ईश्वर नाराज होता है।
विज्ञापन
माता ने कहा कि दृष्टि हमेशा भगवान के चरणों में लगानी चाहिए, इससे सुख समृद्धि चल कर आएगी और मनुष्य संयासी होगा। सत्संग के माध्यम से संत तुम्हें जगाता है, ताकि तुम अच्छे कर्म कर परमात्मा को प्राप्त कर सको। वहीं, राजेंद्र प्रसाद महाराज ने कहा कि एकाग्र मन से किए गए सत्कर्म सफलता के शिखर तक पहुंचाते हैं। कहा कि निजी स्वार्थ में किसी की झूठी प्रशंसा नहीं करनी चाहिए। प्रसाद वितरण के साथ तीसरे निशा का समापन हुआ। ब्रिज भूषण यादव, महेश बरनवाल, अनिल बरनवाल, अरविंद बरनवाल, पंकज जायसवाल, रविंद्र गुप्ता, विनय उमर, रमेश जायसवाल, विनीत बरनवाल, उमाकांत राय, मनोहर विश्वकर्मा, उमेश विश्वकर्मा, संजय मोदनवाल, संजीव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन