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पराक्रमी-परिक्रमार्थियों को पहचानें प्रचारक
Updated Tue, 20 Feb 2018 02:12 AM IST
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वाराणसी। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने सोमवार को बड़ा लालपुर में केंद्रीय पदाधिकारियों और प्रमुख प्रचारकों संग बैठक की। बैठक में प्रचारकों से कहा गया कि वे पराक्रम और परिक्रमा और इन दोनों के अंतर को पहचानें। संपूर्ण राजनीतिक व्यक्तियों से दूर रहें। आम लोगों की पीड़ा जानने के लिए उनके बीच जाकर समय दें। संगठन की ओर से दिए गए दायित्वों का निर्वहन करने में कोताही न बरतें।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के काशी, गोरक्ष, अवध और कानपुर के प्रचारकों को संघ प्रमुख ने संदेश दिया कि स्वार्थ के लिए परिक्रमा करने वालों को चिह्नित किया जाए। योग्य स्वयंसेवकों की पहचान किया जाना आवश्यत है। धैर्य, अनुशासन और आचरण के आधार पर पराक्रमी स्वयंसेेवक ही राष्ट्र निर्माण में प्रमुख भूमिका निभा सकते हैं। प्रचारकों को सलाह देते हुए बताया गया कि यही पहचान देश को निश्चित दिशा की ओर ले जाएगी।
जानकारों के अनुसार परिक्रमा करने वालों से संघ प्रमुख का आशय था कि ऐसे लोग जो केवल अनुषांगिक संगठन भाजपा से टिकट पाने के लिए ही संगठन के आसपास चक्कर लगाते हैं और टिकट मिलने पर मूल कार्य से दूरी बनाते हैं। ऐसे लोगों को चिह्नित किया जाना जरूरी है। प्रचारकों को गांवों तक अधिक से अधिक शाखाएं लगवाने का भी मंत्र दिया गया। संघ प्रमुख ने कहा कि प्रशिक्षण में जो पसीना बहाएगा, वह युद्ध में रक्त बचाएगा। संघ सामान्य व्यक्ति तक पहुंच रहा है और सामान्य व्यक्ति भी संघ तक पहुंच रहा है। ऐसी स्थिति में जन मानस के विश्वास पर खरा उतरना हम सबकी जिम्मेदारी है।
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केंद्रीय पदाधिकारी, प्रचारकों के अलावा कोर कमेटी संग अलग-अलग बैठकों में संगठन को मजबूती प्रदान करने की दिशा में मंथन हुआ। इस दौरान सभी प्रचारकों को आगामी दायित्व भी दिए गए।
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पूर्वी उत्तर प्रदेश के काशी, गोरक्ष, अवध और कानपुर के प्रचारकों को संघ प्रमुख ने संदेश दिया कि स्वार्थ के लिए परिक्रमा करने वालों को चिह्नित किया जाए। योग्य स्वयंसेवकों की पहचान किया जाना आवश्यत है। धैर्य, अनुशासन और आचरण के आधार पर पराक्रमी स्वयंसेेवक ही राष्ट्र निर्माण में प्रमुख भूमिका निभा सकते हैं। प्रचारकों को सलाह देते हुए बताया गया कि यही पहचान देश को निश्चित दिशा की ओर ले जाएगी।
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जानकारों के अनुसार परिक्रमा करने वालों से संघ प्रमुख का आशय था कि ऐसे लोग जो केवल अनुषांगिक संगठन भाजपा से टिकट पाने के लिए ही संगठन के आसपास चक्कर लगाते हैं और टिकट मिलने पर मूल कार्य से दूरी बनाते हैं। ऐसे लोगों को चिह्नित किया जाना जरूरी है। प्रचारकों को गांवों तक अधिक से अधिक शाखाएं लगवाने का भी मंत्र दिया गया। संघ प्रमुख ने कहा कि प्रशिक्षण में जो पसीना बहाएगा, वह युद्ध में रक्त बचाएगा। संघ सामान्य व्यक्ति तक पहुंच रहा है और सामान्य व्यक्ति भी संघ तक पहुंच रहा है। ऐसी स्थिति में जन मानस के विश्वास पर खरा उतरना हम सबकी जिम्मेदारी है।
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केंद्रीय पदाधिकारी, प्रचारकों के अलावा कोर कमेटी संग अलग-अलग बैठकों में संगठन को मजबूती प्रदान करने की दिशा में मंथन हुआ। इस दौरान सभी प्रचारकों को आगामी दायित्व भी दिए गए।