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चार धाम-द्वादश ज्योर्तिलिंग से जुड़ेंगे बाबा विश्वनाथ
Updated Wed, 03 Jan 2018 01:29 AM IST
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वाराणसी। मोक्षपुरी काशी में विराजित बाबा विश्वनाथ को देश के सभी प्रमुख तीर्थों से जोड़ा जाएगा। चारों धाम और द्वादश ज्योतिर्लिंगों के अलावा इनमें 51 शक्तिपीठों को भी शामिल करने की योजना है। तीर्थराज प्रयाग, नासिक, उज्जैन और हरिद्वार में लगने वाले कुंभ और महाकुंभ में स्वर्ण शिखरों वाले बाबा के मुक्तांगन की अनुकृति वाला शिविर लगेगा और विश्वशांति के लिए यज्ञ किए जाएंगे। यह योजना काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद ने तैयार की है।
न्यास परिषद ने बाबा विश्वनाथ को चारों धाम बद्रीनाथ, द्वारिकापुरी, जगन्नाथपुरी और रामेश्वरम के अलावा द्वादश ज्योतिर्लिंगों से जोड़ने का संकल्प लिया है। इसके तहत चार धाम और द्वादश ज्योतिर्लिंग यात्रा कराने पर विचार किया जा रहा है। इन धामों और शिवलिंगों की महिमा से काशी की धार्मिक परंपरा, संस्कृति को जोड़कर देश-दुनिया के आस्थावानों को परिचित कराया जाएगा।
इस योजना को साकार करने के लिए न्यास परिषद की ओर से द्वादश ज्योतिर्लिंगों के महंतों, कार्यपालक अधिकारियों को पत्र भेजे जाएंगे। काशी से आध्यात्मिक शिष्टमंडल भी भेजे जाएंगे ताकि वहां की पूजा-परंपरा और सेवा के अनुरूप काशी विश्वनाथ मंदिर की ओर से श्रद्धालुओं को व्यवस्था दी जा सके। अतिथिगृहों, धर्मशालाओं में ठहरने के अलावा पूजा सामग्री, प्रसाद और योग्य अर्चकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी।
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न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य पं. अशोक द्विवेदी ने बताया कि इसके लिए प्रदेश सरकार से मदद ली जाएगी, ताकि चार धाम और द्वादश ज्योतिर्लिंगों की यात्रा को काशी विश्वनाथ से जोड़ा जा सके। मंदिर न्यास चार धाम और द्वादश ज्योतिर्लिंग यात्रा के लिए अपने फंड से श्रद्धालुओं को सब्सिडी देने के लिए भी विचार करेगा।
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न्यास परिषद ने बाबा विश्वनाथ को चारों धाम बद्रीनाथ, द्वारिकापुरी, जगन्नाथपुरी और रामेश्वरम के अलावा द्वादश ज्योतिर्लिंगों से जोड़ने का संकल्प लिया है। इसके तहत चार धाम और द्वादश ज्योतिर्लिंग यात्रा कराने पर विचार किया जा रहा है। इन धामों और शिवलिंगों की महिमा से काशी की धार्मिक परंपरा, संस्कृति को जोड़कर देश-दुनिया के आस्थावानों को परिचित कराया जाएगा।
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इस योजना को साकार करने के लिए न्यास परिषद की ओर से द्वादश ज्योतिर्लिंगों के महंतों, कार्यपालक अधिकारियों को पत्र भेजे जाएंगे। काशी से आध्यात्मिक शिष्टमंडल भी भेजे जाएंगे ताकि वहां की पूजा-परंपरा और सेवा के अनुरूप काशी विश्वनाथ मंदिर की ओर से श्रद्धालुओं को व्यवस्था दी जा सके। अतिथिगृहों, धर्मशालाओं में ठहरने के अलावा पूजा सामग्री, प्रसाद और योग्य अर्चकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी।
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न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य पं. अशोक द्विवेदी ने बताया कि इसके लिए प्रदेश सरकार से मदद ली जाएगी, ताकि चार धाम और द्वादश ज्योतिर्लिंगों की यात्रा को काशी विश्वनाथ से जोड़ा जा सके। मंदिर न्यास चार धाम और द्वादश ज्योतिर्लिंग यात्रा के लिए अपने फंड से श्रद्धालुओं को सब्सिडी देने के लिए भी विचार करेगा।