फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   काशी में बाल व्यास ने ज्ञान-भक्ति-वैराग्य की बहाई गंगा

काशी में बाल व्यास ने ज्ञान-भक्ति-वैराग्य की बहाई गंगा

Sun, 16 Jul 2017 02:22 AM IST
Updated Sun, 16 Jul 2017 02:22 AM IST
विज्ञापन
काशी में बाल व्यास ने ज्ञान-भक्ति-वैराग्य की बहाई गंगा
वाराणसी। श्रीमद भागवत कथा के मर्मज्ञ बाल व्यास पं. श्रीकांत शर्मा ने शनिवार को नाटी इमली के ऐतिहासिक भरत मिलाप मैदान में ज्ञान, भक्ति, वैराग्य की गंगा बहा दी। सावन में एक तरफ जहां बाबा विश्वनाथ को जलाभिषेक से प्रसन्न करने के लिए देश भर के कांविरए काशी पहुंच रही हैं, वही बाबा के प्रिय मास में बाल व्यास ने इस दिन संगीतमय शिव महापुराण कथा का श्रीगणेश किया। उन्होंने शिवपुराण को आत्मज्ञान और वेदांत की विषयवस्तु बताया। कहा कि करोड़ों कथाओं के श्रवण करने का फल मात्र एक बार शिव पुराण सुनने से सहज ही मिल जाता है।
विज्ञापन

पोथी पूजा के बाद भगवान शिव की अनुकृति वाले भव्य मंच पर बाल व्यास ने मोक्षनगरी में जीनव-मृत्य के भय और बंधन पर विस्तार से रोशनी डाली। उनका कहना ता कि श्रावण मास में काशी में शिवपुराण के श्रवण से मानव इस सांसारिक भवसागर से तर जाता है। इस संसार में केवल अपने प्राणों के लिए जीने वाला असुर की श्रेणी में आता है। ज्ञानी तो ज्ञान के बीज को संसार भर में फैलाकर ईश्वर को प्राप्त करता है। जीवन में सत्कर्म करते रहना चाहिए। यह भी एक बीजारोपण के समान है। एक न एक दिन वृक्ष बड़ा होकर सबको फल अवश्य देगा। उन्होंने कहा कि जिह्वा पर सिर्फ शिव का नाम आ जाए तो सारे पाप नष्ट हो जाते हैं। यदि मन में ईश्वर के प्रति श्रद्धा भाव हो तो भगवान का घर दूर नहीं। बताया कि सृष्टि के एकमात्र बीज महादेव हैं। जो भी इस संसार में जन्म लिया है वह महादेव का ही अंश है। महादेव को प्रसन्न रखने के लिए भजन के मार्ग को अपनाना चाहिए। मनुष्य भजन मात्र से अपने जीवन- मरण की रस्सी को काट सकता है। परंतु हम उस पक्षी की भांति बन चुके हैं जो पिजड़े में रहते -रहते उड़ना ही भूल जाता है। जैसे हम इस संसार में रहते हुए ईश्वर को ही भूल जाते हैं। संसार में पीड़ा के अलावा कुछ नही है। इसलिए जागो और भजन करो।
विज्ञापन

हाथी, घोड़े बग्घी संग निकली शोभायात्रा
वाराणसी। कथा से पूर्व काटन मिल से हाथी, घोड़े, बग्घी के साथ शोभायात्रा निकाली गई। यजमान महावीर प्रसाद, दीपक बजाज, श्याम बजाज, मनोज बजाज अपनी पत्नियों के साथ सिर पर पोथी लिए चल रहे थे। बैंड बाजा की धुन पर श्रद्धालु नाचते गाते चल रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

कथा वाचक बालव्यास पं. श्रीकांत शर्मा बग्घी पर विराजमान होकर निकले। बटुकों, महिलाओं, पुरूषों की भीड़ उनके पीछे चल रही थी। कथा स्थल पर पहुंचने के बाद बाल व्यास के साथ महापौर राम गोपाल मोहले ने दीप जलाकर कथा का शुभारंभ किया। इस मौके पर दीनानाथ झुनझुनवाला, चम्पालाल सरावगी, अवधेश खेमका, विजय अग्रवाल, सुरेश तुलस्यान, अजय खेमका, कृष्ण कुमार काबरा, अनिल जाजोदिया, कमल गोयनका, दीपक तोदी, मनीष गिनोडिया, महेश चैधरी, विजय मोदी, गोपाल अग्रवाल, प्रतीक केडिया समेत तमाम लोग उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed