Varanasi News: मेडिकल रिपोर्ट के बिना नहीं हो पाया 15 खिलाड़ियों का चयन, अस्पतालों में भटकते रहे खिलाड़ी
खेल छात्रावासों में प्रवेश के लिए आयोजित प्रदेश स्तरीय ट्रायल में मेडिकल रिपोर्ट के अभाव में 15 खिलाड़ियों के चयन का सपना अधूरा रह गया। इस दौरान खिलाड़ी राजकीय, मंडलीय अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र में रिपोर्ट के लिए भटकते रहे।
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खेल विभाग की ओर से खेल छात्रावासों में प्रवेश के लिए आयोजित प्रदेश स्तरीय ट्रायल में मेडिकल रिपोर्ट के अभाव के कारण कई खिलाड़ी इसका हिस्सा नहीं बन पाए। ऐसे में मंडल स्तर तक कड़ी मेहनत के बाद भी खिलाड़ियों के चयन का सपना अधूरा रह गया।
बुधवार से प्रदेश के 14 जिलों में 16 खेलों की प्रदेश स्तरीय चयन प्रतियोगिता शुरू हुई। वाराणसी में एथलेटिक्स खिलाड़ियों के चयन की प्रतियोगिता हुई। इसमें मेडिकल रिपोर्ट के अभाव में मेजबान वाराणसी मंडल के ही 15 एथलीट हिस्सा नहीं ले पाए।
वॉलीबाल की टीम को आगरा, फुटबॉल की टीम को अयोध्या, क्रिकेट की टीम को कानुपर, कबड्डी की टीम को अमेठी जाना था लेकिन मेडिकल जांच की रिपोर्ट न मिलने से ये खिलाड़ी भी चयन में शामिल नहीं हो पाए। जिला और मंडल स्तर की चयन प्रतियोगिता के बाद से बीते एक मार्च से ही खिलाड़ी राजकीय अस्पताल रामनगर, मंडलीय अस्पताल कबीर चौरा और नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुर्गाकुंड के चक्कर लगा रहे हैं।
आयु की प्रमाणिकता के लिए मेडिकल रिपोर्ट जरूरी
खेल विभाग की ओर से 16 खेलों के छात्रावास में प्रवेश के लिए प्रदेश के 14 जिलों में संचालित है। इसमें हर साल 12 से 15 साल तक के बच्चों का प्रवेश होता है। जिला और मंडल स्तर पर आयु प्रमाणिकता के लिए आधार कार्ड और नगर निगम के जन्म प्रमाण सहित स्कूली दस्तावेज मान्य होते है। साथ ही प्रदेश स्तर में चयन के लिए सरकारी अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट ही आयु की प्रमाणिकता का वैध दस्तावेज मानी जाती है।
20 को ही सीएमओ को भेजी गई थी सूचना
वाराणसी मंडल की क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी विमला सिंह ने बताया कि खिलाड़ियों की मेडिकल जांच के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को 20 फरवरी को पत्र भेजा गया था। 20 से 25 फरवरी के बीच जिला स्तरीय और 27 फरवरी से तीन मार्च तक मंडल स्तरीय चयन प्रतियोगिता के बाद मंडल की टीम में खिलाड़ियों का चयन हुआ। चयनित खिलाड़ी जब जांच के लिए अस्पताल पहुंचे तो अस्पताल में संसाधन की कमी के कारण कई खेलों के खिलाड़ियों की जांच ही नहीं हुई। जिनकी जांच हुई उनको समय से रिपोर्ट नहीं मिली।
तीन दिन बाद रिपोर्ट के लिए बुलाया
क्या बोले अधिकारी
मंडलीय अस्पताल में एक ही रेडियोलॉजिस्ट है जिस पर 400 से अधिक लोगों के जांच और रिपोर्ट बनाने की जिम्मेदारी है। जांच की प्रक्रिया में समय लगता है। -डॉ. संदीप चौधरी, सीएमओ