संकटमोचन से महामारी खत्म करने की कामना, 15 लाख से अधिक लोगों ने किया हनुमान चालीसा पाठ
वाराणसी के आसपास के जिलों में भी कोरोना मुक्ति के लिए संकटमोचक हनुमान जी की प्रार्थना हुई। प्रदेश के अलावा हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली, मध्य प्रदेश के साथ ही अमेरिका, नेपाल और मॉरीशस से भी लोगों ने हिस्सा लिया।
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नासै रोग हरे सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा...। संकटमोचन हनुमान लला से श्रद्धालुओं ने महामारी के शमन की कामना की। काशी प्रांत के 12 जिलों के श्रद्धालुओं ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया और सवा पांच लाख की बजाय 15 लाख से अधिक पाठ की संख्या पहुंच गई।
मंगलवार को काशी प्रांत के विभिन्न जिलों में उत्साह, श्रद्धा के साथ कोरोना मुक्ति के लिए संकटमोचक हनुमान जी की प्रार्थना हुई। सुबह 8:30 बजे शुरू हुआ अनुष्ठान शाम पांच बजे तक 15 लाख के ऊपर पहुंच गया। रात्रि 9:30 बजे तक अनुष्ठान की समाप्ति तक यह आंकड़ा बढ़ता चला गया। कुटुंब प्रबोधन के प्रांत संयोजक डॉ. शुकदेव त्रिपाठी ने बताया कि विश्व के सबसे बड़े इस अनुष्ठान में काशी प्रांत के वाराणसी, प्रयागराज, चंदौली, सोनभद्र समेत सभी 12 जिलों में हनुमान चालीसा का अनुष्ठान हुआ।
प्रदेश के अलावा हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली, मध्य प्रदेश और आसपास के अन्य प्रदेशों के अलावा अमेरिका, नेपाल और मॉरीशस से भी लोगों ने हिस्सा लिया। काशी प्रांत में सर्वाधिक वाराणसी जिले के 42,116 लोगों ने 4,63,276 पाठ पूर्ण किया। इसके अतिरिक्त सुलतानपुर में 26,045 लोगों द्वारा 2,86,495 पाठ हुआ। प्रयागराज में 17,600 लोगों ने 1,93,600 पाठ, अमेठी में 3472 लोगों द्वारा 38,192 पाठ, जौनपुर में 191785, प्रतापगढ़ में 155252 पाठ, सोनभद्र में 92015 पाठ, भदोही में 82771 पाठ हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में गंगा दत्त जोशी, डॉ .रजनीश उपाध्याय, कविता मालवीय, वेंकटेश एवं विकास सिंह का सराहनीय योगदान रहा।
कैलाश मठ में भी हुआ अनुष्ठान
आशुतोषानंद महाराज ने कैलाश मठ में भी यह कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें मठ परिवार के साथ अन्य लोग भी शामिल हुए।
परिवार संग घरों में किया पाठ
हनुमान चालीसा पाठ करने के आह्वान के समर्थन में दी सेंट्रल बार एसोसिएशन वाराणसी के पूर्व अध्यक्ष विवेक शंकर तिवारी ने आवास पर परिजनों के साथ हनुमान चालीसा का 11 बार पाठ किया। हनुमान चालीसा पाठ के पूर्व आचार्य पंडित राजेंद्र मिश्र ने विधिविधान से संकल्प व हनुमान जी का पूजन कराया । इसमें कलावती देवी, डॉ प्रतिभा, प्रभंजना त्रिपाठी, इंदुशेखर तिवारी, उत्कर्ष तिवारी व कुमारी शैलजा ने सहभागिता की।