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विश्वकर्मा समाज ने निकाला जुलूस
Updated Wed, 07 Jun 2017 01:11 AM IST
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चंदौली। आल इंडिया यूनाइटेड विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा जिला इकाई ने मंगलवार को सदर ब्लाक परिसर में जुलूस निकालकर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान समाज के लोगों के साथ सरकार द्वारा भेदभाव किए जाने का आरोप लगाया और अंत में राज्यपाल के नाम संबोधित दस सूत्रीय ज्ञापन उपजिलाधिकारी सदर एके द्विवेदी को सौंपा।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि विश्वकर्मा समाज के गौरव व सामाजिक स्वाभिमान के प्रतीक पर्व विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर को प्रति वर्ष मनाया जाता है। उक्त तिथि पर पूर्व में राजकीय अवकाश घोषित था, लेकिन प्रदेश सरकार ने उसे खत्म कर दिया। उसे तत्काल लागू किया जाए। समाज के उद्यमशील रोजगार व कलकारखानों के विकास के लिए केरल की भांति शिल्पकार, दस्तकार विकास निगम आयोग का गठन किया जाए। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना को इस निगम से संबद्ध किया जाए। पांच हार्स पावर तक की आरा मशीनों को लाइसेंस मुक्त करते हुए सत्ता में भागीदारी सुनिश्चित किया जाए। जाति आधारित गणना में विश्वकर्मा समाज के आनुवांशिक इकाईयों लोहार, बढ़ई, केशरा, मूर्तिकार तथा स्वर्णकार वर्ग का कुल संख्या प्रकाशित किया जाए। इसके अलावा समाज के लोगों को आर्थिक एवं शैक्षिक आधार पर आरक्षण लागू न करके सामाजिक एवं शैक्षणिक आधार पर आरक्षण लागू किया जाए। इस अवसर पर अशोक विश्वकर्मा, संतोष विश्वकर्मा, नन्द कुमार शर्मा, बाबूलाल लोहार, दिनेश, विजय विश्वकर्मा, बच्चे लाल विश्वकर्मा, नीरज विश्वकर्मा आदि उपस्थित रहे। संचालन श्रीकांत विश्वकर्मा ने किया।
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इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि विश्वकर्मा समाज के गौरव व सामाजिक स्वाभिमान के प्रतीक पर्व विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर को प्रति वर्ष मनाया जाता है। उक्त तिथि पर पूर्व में राजकीय अवकाश घोषित था, लेकिन प्रदेश सरकार ने उसे खत्म कर दिया। उसे तत्काल लागू किया जाए। समाज के उद्यमशील रोजगार व कलकारखानों के विकास के लिए केरल की भांति शिल्पकार, दस्तकार विकास निगम आयोग का गठन किया जाए। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना को इस निगम से संबद्ध किया जाए। पांच हार्स पावर तक की आरा मशीनों को लाइसेंस मुक्त करते हुए सत्ता में भागीदारी सुनिश्चित किया जाए। जाति आधारित गणना में विश्वकर्मा समाज के आनुवांशिक इकाईयों लोहार, बढ़ई, केशरा, मूर्तिकार तथा स्वर्णकार वर्ग का कुल संख्या प्रकाशित किया जाए। इसके अलावा समाज के लोगों को आर्थिक एवं शैक्षिक आधार पर आरक्षण लागू न करके सामाजिक एवं शैक्षणिक आधार पर आरक्षण लागू किया जाए। इस अवसर पर अशोक विश्वकर्मा, संतोष विश्वकर्मा, नन्द कुमार शर्मा, बाबूलाल लोहार, दिनेश, विजय विश्वकर्मा, बच्चे लाल विश्वकर्मा, नीरज विश्वकर्मा आदि उपस्थित रहे। संचालन श्रीकांत विश्वकर्मा ने किया।
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