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रवींद्रपुरी में असि नदी का तट कब्जा मुक्त
Updated Tue, 06 Jun 2017 02:03 AM IST
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वाराणसी। असि नदी के किनारे के अतिक्रमण हटाने और तलहटी की खुदाई के काम में सोमवार को तेजी आ गई। जेसीबी से नदी के किनारे पर कई बड़े अतिक्रमण ढहा दिए गए। जेसीबी चलने से नदी को पाट कर अवैध निर्माण करने वालों के चेहरे पर हवाइयां उड़ने लगीं। कुछ लोग दौड़कर आए भी लेकिन कागज न होने की वजह से मूकदर्शक बनकर खड़े रह गए। नदी के दोनों तटों पर अब रोजाना जेसीबी चलाई जाएगी।
सोमवार सुबह यमुना मिशन की जेसीबी को रवींद्रपुरी पुलिया के पास से असि नदी की तलहटी में उतारा गया। पुलिया के पूर्वी-दक्षिणी हिस्से में नदी को पाटकर करीब चार विस्वा से अधिक भूमि चहारदीवारी खड़ी कर घेर ली गई थी। चहारदीवारी से जमीन को घेरकर फाटक लगाया गया था। असि नदी मुक्ति अभियान और यमुना मिशन के पदाधिकारियों ने नदी के उस हिस्से को कब्जा करने वालों के बारे में जानकारी ली लेकिन वहां कोई नहीं पहुंचा। इससे पहले नगर निगम की ओर से नदी किनारे के उस हिस्से तक चिह्नांकन किया जा चुका था। इसी आधार पर जेसीबी ने फाटक को तोड़ दिया। नदी तट की घेरी गई उस जमीन पर एक महिला के नाम का बोर्ड भी लगाया गया था।
यमुना मिशन के चंद्रशेखर सेठ, असि नदी मुक्ति अभियान के कपींद्र तिवारी ने बताया कि असि की सफाई और तट की खुदाई जारी रहेगी। इससे पहले नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के सलाहकार और पूर्व डीजी (सिविल डिफेंस) आरएन सिंह ने रवींद्रपुरी पुलिया पहुंचकर अभियान का निरीक्षण किया।
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सोमवार सुबह यमुना मिशन की जेसीबी को रवींद्रपुरी पुलिया के पास से असि नदी की तलहटी में उतारा गया। पुलिया के पूर्वी-दक्षिणी हिस्से में नदी को पाटकर करीब चार विस्वा से अधिक भूमि चहारदीवारी खड़ी कर घेर ली गई थी। चहारदीवारी से जमीन को घेरकर फाटक लगाया गया था। असि नदी मुक्ति अभियान और यमुना मिशन के पदाधिकारियों ने नदी के उस हिस्से को कब्जा करने वालों के बारे में जानकारी ली लेकिन वहां कोई नहीं पहुंचा। इससे पहले नगर निगम की ओर से नदी किनारे के उस हिस्से तक चिह्नांकन किया जा चुका था। इसी आधार पर जेसीबी ने फाटक को तोड़ दिया। नदी तट की घेरी गई उस जमीन पर एक महिला के नाम का बोर्ड भी लगाया गया था।
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यमुना मिशन के चंद्रशेखर सेठ, असि नदी मुक्ति अभियान के कपींद्र तिवारी ने बताया कि असि की सफाई और तट की खुदाई जारी रहेगी। इससे पहले नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के सलाहकार और पूर्व डीजी (सिविल डिफेंस) आरएन सिंह ने रवींद्रपुरी पुलिया पहुंचकर अभियान का निरीक्षण किया।
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