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सोनीपत कमाने गए दो युवकों का शव घर पहुंचा
Updated Sat, 03 Jun 2017 11:15 PM IST
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गए थे कमाने, लौटे तो कफन
सोनभद्र । सोनीपत में एक जून की रात डीसीएम की चपेट में आने से कोतवाली क्षेत्र के बैरखड़ गांव के रामपति और राजू की मौत हो गई। शनिवार को दोनों का शव एंबुलेंस से बैरखड़ गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। नाराज ग्रामीणों ने एंबुलेंस रोक लिया। मुआवजा दिलाने की मांग करने लगे। कंपनी के ठेकेदार ने आश्रितों को डेढ़-डेढ़ लाख रुपये दिया तब जाकर लोगों को गुस्सा शांत हुआ।
ग्राम प्रधान अमर सिंह ने बताया कि करीब चार माह पूर्व रामपति (35) और राजू (20) कमाने के लिए सोनीपत गए थे। एक जून की रात दस बजे काम करने के दौरान डीसीएम की चपेट मेें आने से पांच श्रमिक घायल हो गए। अस्पताल ले जाते रामपति और राजू की मौत हो गई। शुक्रवार को सोनीपत में युवकों के शव का पोस्टमार्टम हुआ। कंपनी के ठेकेदार ने एंबुलेस से दोनों के शव गांव भेजवा दिए। शनिवार सुबह करीब नौ बजे शव लेकर जैसे ही एंबुलेंस गांव पहुंचा तो मातम फैल गया। ग्रामीणों ने एंबुलेंस से शव उतारने से इंकार कर दिया। आरोप था कि कंपनी ने समय से इजाज कराया होता मौत नहीं होती। कंपनी एवं ठेकेदार ने मृतकों के आश्रितों को डेढ़-डेढ़ लाख रुपये दिया तब ग्रामीणों ने शवों को उतारा। युवकों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
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सोनभद्र । सोनीपत में एक जून की रात डीसीएम की चपेट में आने से कोतवाली क्षेत्र के बैरखड़ गांव के रामपति और राजू की मौत हो गई। शनिवार को दोनों का शव एंबुलेंस से बैरखड़ गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। नाराज ग्रामीणों ने एंबुलेंस रोक लिया। मुआवजा दिलाने की मांग करने लगे। कंपनी के ठेकेदार ने आश्रितों को डेढ़-डेढ़ लाख रुपये दिया तब जाकर लोगों को गुस्सा शांत हुआ।
ग्राम प्रधान अमर सिंह ने बताया कि करीब चार माह पूर्व रामपति (35) और राजू (20) कमाने के लिए सोनीपत गए थे। एक जून की रात दस बजे काम करने के दौरान डीसीएम की चपेट मेें आने से पांच श्रमिक घायल हो गए। अस्पताल ले जाते रामपति और राजू की मौत हो गई। शुक्रवार को सोनीपत में युवकों के शव का पोस्टमार्टम हुआ। कंपनी के ठेकेदार ने एंबुलेस से दोनों के शव गांव भेजवा दिए। शनिवार सुबह करीब नौ बजे शव लेकर जैसे ही एंबुलेंस गांव पहुंचा तो मातम फैल गया। ग्रामीणों ने एंबुलेंस से शव उतारने से इंकार कर दिया। आरोप था कि कंपनी ने समय से इजाज कराया होता मौत नहीं होती। कंपनी एवं ठेकेदार ने मृतकों के आश्रितों को डेढ़-डेढ़ लाख रुपये दिया तब ग्रामीणों ने शवों को उतारा। युवकों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
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