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सैंड आर्ट कलाकारों को इनाम दिया नहीं, उल्टे रुपये वसूले
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वाराणसी। प्रवासी भारतीय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित सैंड आर्ट प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागियों से एक कंपनी ने दो-दो सौ रुपये वसूल लिए और इनाम भी नहीं दिया। इससे नाराज इन कलाकारों ने शनिवार को सिगरा स्टेडियम में प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय तक मार्च किया और एक शिकायती पत्र दिया।
कलाकारों ने जिला प्रशासन पर आरोप लगाया कि दो दिन से पुरस्कार देने के नाम पर टहलाया जा रहा है। उन्होंने प्रतिभाग के लिए दो-दो सौ रुपये लेने की बात भी कही। मुख्य विकास अधिकारी गौरांग राठी ने बताया कि जिस संस्था को कार्यक्रम की जिम्मेदारी दी गई थी। उनकी तरफ से मनमानी की गई है। इसकी जांच कराई जा रही है और अगर प्रतिभागियों की शिकायत सही पाई गई तो उनपर कठोर कार्रवाई की जाएगी। 24 जनवरी को चौकाघाट स्थित सांस्कृतिक संकुल में सभी कलाकारों का सम्मान किया जाएगा।
17 व 18 जनवरी को गंगा पार रेती पर सैंड आर्ट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इस दौरान कोलकाता, पंजाब, नई दिल्ली सहित विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों कलाकारों ने प्रतिभाग किया। कलाकारों का आरोप है कि 18 जनवरी की शाम को उनको बताया गया कि सभी लोग गंगा के दूसरे घाट पर आएं वहीं पर पुरस्कार दिया जाएगा। तीन-चार घंटे बाद सूचना दी गई कि 19 जनवरी को सिगरा स्टेडियम में सुबह आठ बजे पुरस्कार वितरण होगा, सभी पहुंचे। वहां पता चला कि अब पुरस्कार वितरण 24 जनवरी को होगा। इसको सुनते ही प्रतिभागी भड़क गए। उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। कहा कि कला के साथ मजाक किया जा रहा है। हो-हल्ले के बाद भी जब बात नहीं बनी तो सभी प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय रवींद्रपुरी तक पैदल पहुंचे। वहां शिकायती पत्र सौंपा। बाद में प्रशासनिक आश्वासन के बाद वे माने।
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कलाकारों ने जिला प्रशासन पर आरोप लगाया कि दो दिन से पुरस्कार देने के नाम पर टहलाया जा रहा है। उन्होंने प्रतिभाग के लिए दो-दो सौ रुपये लेने की बात भी कही। मुख्य विकास अधिकारी गौरांग राठी ने बताया कि जिस संस्था को कार्यक्रम की जिम्मेदारी दी गई थी। उनकी तरफ से मनमानी की गई है। इसकी जांच कराई जा रही है और अगर प्रतिभागियों की शिकायत सही पाई गई तो उनपर कठोर कार्रवाई की जाएगी। 24 जनवरी को चौकाघाट स्थित सांस्कृतिक संकुल में सभी कलाकारों का सम्मान किया जाएगा।
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17 व 18 जनवरी को गंगा पार रेती पर सैंड आर्ट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इस दौरान कोलकाता, पंजाब, नई दिल्ली सहित विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों कलाकारों ने प्रतिभाग किया। कलाकारों का आरोप है कि 18 जनवरी की शाम को उनको बताया गया कि सभी लोग गंगा के दूसरे घाट पर आएं वहीं पर पुरस्कार दिया जाएगा। तीन-चार घंटे बाद सूचना दी गई कि 19 जनवरी को सिगरा स्टेडियम में सुबह आठ बजे पुरस्कार वितरण होगा, सभी पहुंचे। वहां पता चला कि अब पुरस्कार वितरण 24 जनवरी को होगा। इसको सुनते ही प्रतिभागी भड़क गए। उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। कहा कि कला के साथ मजाक किया जा रहा है। हो-हल्ले के बाद भी जब बात नहीं बनी तो सभी प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय रवींद्रपुरी तक पैदल पहुंचे। वहां शिकायती पत्र सौंपा। बाद में प्रशासनिक आश्वासन के बाद वे माने।
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