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बीएचयू की डिप्टी चीफ प्रॉक्टर के घर फेंके पत्थर
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वाराणसी। बीएचयू की डिप्टी चीफ प्रॉक्टर डॉ. श्रद्धा सिंह के आवास पर सोमवार आधी रात बाद कुछ पत्थर फेंके गए। बीएचयू प्रॉक्टोरियल बोर्ड की ओर से पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई। हालांकि इस संबंध में लंका थाने में तहरीर नहीं दी गई है। उधर, डीएम के निर्देश पर एडीएम सिटी और एसपी सिटी जांच पहुंचे, लेकिन अधिकारी प्रकरण को लेकर कुछ भी कहने से कतराते नजर आए।
डिप्टी चीफ प्रॉक्टर श्रद्धा सिंह के बीएचयू स्थित आवास पर फेंके गए पत्थर कार और गमले पर लगे। चीफ प्रॉक्टर रोयाना सिंह ने पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों को बताया कि अनशन से उठे छात्र जश्न मना रहे थे और यह उनकी ही करतूत है। डीएम के निर्देश पर प्रकरण की जांच करने एडीएम सिटी और एसपी सिटी पहुंचे। सामने आया कि चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह और डॉ. श्रद्धा सिंह का बयान पूरी तरह से विरोधाभाषी है। एक हॉस्टल में बर्थडे पार्टी मनाई जा रही थी और उसका अनशन से उठे छात्रों से कोई सरोकार नहीं था। सुरक्षा व्यवस्था में तैनात सिक्योरिटी गार्ड्स के बयान में भी अंतर मिला। घटना के संबंध में डॉ. श्रद्धा ने भी लंका थाने पर तहरीर नहीं दी है। इस प्रकरण को लेकर जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने नाराजगी जताते हुए बीएचयू प्रशासन से कहा है कि किसी भी मामले को अनावश्यक तूल न दिया जाए। जिले की शांति और कानून व्यवस्था के संबंध में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बर्दाश्त की जाएगी। उधर, बीएचयू के कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि परिसर की प्रत्येक गतिविधि पर उनकी नजर है। परिसर का माहौल पठन-पाठन के अनुकूल रहे, यह उनकी शीर्ष प्राथमिकता में शामिल है।
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डिप्टी चीफ प्रॉक्टर श्रद्धा सिंह के बीएचयू स्थित आवास पर फेंके गए पत्थर कार और गमले पर लगे। चीफ प्रॉक्टर रोयाना सिंह ने पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों को बताया कि अनशन से उठे छात्र जश्न मना रहे थे और यह उनकी ही करतूत है। डीएम के निर्देश पर प्रकरण की जांच करने एडीएम सिटी और एसपी सिटी पहुंचे। सामने आया कि चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह और डॉ. श्रद्धा सिंह का बयान पूरी तरह से विरोधाभाषी है। एक हॉस्टल में बर्थडे पार्टी मनाई जा रही थी और उसका अनशन से उठे छात्रों से कोई सरोकार नहीं था। सुरक्षा व्यवस्था में तैनात सिक्योरिटी गार्ड्स के बयान में भी अंतर मिला। घटना के संबंध में डॉ. श्रद्धा ने भी लंका थाने पर तहरीर नहीं दी है। इस प्रकरण को लेकर जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने नाराजगी जताते हुए बीएचयू प्रशासन से कहा है कि किसी भी मामले को अनावश्यक तूल न दिया जाए। जिले की शांति और कानून व्यवस्था के संबंध में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बर्दाश्त की जाएगी। उधर, बीएचयू के कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि परिसर की प्रत्येक गतिविधि पर उनकी नजर है। परिसर का माहौल पठन-पाठन के अनुकूल रहे, यह उनकी शीर्ष प्राथमिकता में शामिल है।
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