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भटके बुजुर्ग को ठहराया, परिजनों से भी मिलाया
Updated Mon, 17 Dec 2018 02:11 AM IST
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वाराणसी। जब कोई काम नहीं आता है तो पुलिस सहारा बनती है। इस बात को 76 वर्षीय बुजुर्ग जगदीश अग्निहोत्री के परिजनों से अच्छे ढंग से कोई और बता-समझा नहीं सकता। कैंट रेलवे स्टेशन के सामने भटक रहे अग्निहोत्री के लिए ट्रैफिक पुलिस के दो सिपाहियों ने न सिर्फ भोजन और ठहरने की व्यवस्था कराई बल्कि फेसबुक के माध्यम से उनके परिजनोें से संपर्क कर रविवार को उन्हें उनके सुपुर्द भी कर दिया।
रायबरेली के आशा भवन मलिक रोड निवासी अग्निहोत्री राजधानी एक्सप्रेस से गुवाहटी से कानपुर जा रहे थे। चंदौली के पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर चार पर शनिवार को ट्रेन रुकी तो वह वहीं उतर गए और परिजनों से बिछड़ गए। भटकते हुए वह कैंट रेलवे स्टेशन पहुंच गए। अकेले बुजुर्ग को परेशान देख ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिस कांस्टेबल आशुतोष राय और सुधीर सिंह की नजर उन पर पड़ी। दोनों कांस्टेबल उनके पास पहुंचे और परेशानी का कारण पूछा।
इसके बाद दोनों कांस्टेबल ने बुजुर्ग के खाने और रहने का इंतजाम कर उनके संबंध में फेसबुक पर विवरण पोस्ट किया। फेसबुक से बुजुर्ग के नाती राजीव मिश्रा को जानकारी हुई तो वह रविवार को यहां आए और ट्रैफिक पुलिस के प्रति आभार जताते हुए अपने नाना को वापस ले गए। सिपाहियों के इस नेक काम के लिए एसपी ट्रैफिक सुरेश चंद रावत ने दोनों को शाबाशी देते हुए पीठ थपथपाई। एसएसपी ने दोनों ही कांस्टेबल को पांच-पांच सौ रुपये का नकद पुरस्कार भी दिया है।
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रायबरेली के आशा भवन मलिक रोड निवासी अग्निहोत्री राजधानी एक्सप्रेस से गुवाहटी से कानपुर जा रहे थे। चंदौली के पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर चार पर शनिवार को ट्रेन रुकी तो वह वहीं उतर गए और परिजनों से बिछड़ गए। भटकते हुए वह कैंट रेलवे स्टेशन पहुंच गए। अकेले बुजुर्ग को परेशान देख ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिस कांस्टेबल आशुतोष राय और सुधीर सिंह की नजर उन पर पड़ी। दोनों कांस्टेबल उनके पास पहुंचे और परेशानी का कारण पूछा।
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इसके बाद दोनों कांस्टेबल ने बुजुर्ग के खाने और रहने का इंतजाम कर उनके संबंध में फेसबुक पर विवरण पोस्ट किया। फेसबुक से बुजुर्ग के नाती राजीव मिश्रा को जानकारी हुई तो वह रविवार को यहां आए और ट्रैफिक पुलिस के प्रति आभार जताते हुए अपने नाना को वापस ले गए। सिपाहियों के इस नेक काम के लिए एसपी ट्रैफिक सुरेश चंद रावत ने दोनों को शाबाशी देते हुए पीठ थपथपाई। एसएसपी ने दोनों ही कांस्टेबल को पांच-पांच सौ रुपये का नकद पुरस्कार भी दिया है।
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