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‘वक्त आ गया है, हम आप मिलकर पृथ्वी को बनाएं सुंदर’
Updated Fri, 31 Aug 2018 01:48 AM IST
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वाराणसी। पिछली व वर्तमान पीढ़ी ने इस धरती को रहने लायक नहीं छोड़ा है। अब वक्त आ गया है कि हम आप मिलकर इस पृथ्वी के लिए कुछ करें। पर्यावरण के लिए कुछ बेहतर सोचेें और दृढ़ इच्छा के साथ ही काम करें। ये बातें आईआईटी बीएचयू के केमिकल इंजीनियरिंग के हेड प्रो. पीके मिश्रा ने आर्य महिला पीजी कॉलेज में ‘वी द चेंज’ पर आयोजित व्याख्यान में कहीं। उन्होंने छात्राओं के सामने ऐसे बहुत से उदाहरण भी पेश किए जो इस पृथ्वी को, पर्यावरण को सुंदर बनाने में जी जान से लगे हुए हैं, बिना इसे नुकसान पहुंचाएं।
प्रो. मिश्र ने छात्राओं से आह्वान किया कि वे अपनी पूरी जिंदगी में पांच पेड़ अवश्य लगाएं। कहा कि नदी, तालाब, कुुएं का अस्तित्व बचाना होगा। आर्गेनिक खेती को बढ़ावा देना होगा। प्रकृति को उसके नजदीक रहकर ही बचाया जा सकता है। उन्होंने छात्राओं के सामने विकास का वह पहलू भी रखा जिससे धरती विनाश की ओर से जा रही है। भारत विकास परिषद और गृह विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित व्याख्यान की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. रचना दुबे ने की। स्वागत हेड डॉ. मंजू मेहरोत्रा ने किया। परिषद के संस्थापक योगेश श्रीवास्तव, अध्यक्ष विनीता श्रीवास्तव, जमुना शुक्ला मौजूद रहीं। प्रबंधक डॉ. शशिकांत दीक्षित ने आशीर्वचन दिया। संचालन डॉ. दीपिका बरनवाल व धन्यवाद ज्ञापन डॉ. ऋचा मिश्रा ने किया।
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प्रो. मिश्र ने छात्राओं से आह्वान किया कि वे अपनी पूरी जिंदगी में पांच पेड़ अवश्य लगाएं। कहा कि नदी, तालाब, कुुएं का अस्तित्व बचाना होगा। आर्गेनिक खेती को बढ़ावा देना होगा। प्रकृति को उसके नजदीक रहकर ही बचाया जा सकता है। उन्होंने छात्राओं के सामने विकास का वह पहलू भी रखा जिससे धरती विनाश की ओर से जा रही है। भारत विकास परिषद और गृह विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित व्याख्यान की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. रचना दुबे ने की। स्वागत हेड डॉ. मंजू मेहरोत्रा ने किया। परिषद के संस्थापक योगेश श्रीवास्तव, अध्यक्ष विनीता श्रीवास्तव, जमुना शुक्ला मौजूद रहीं। प्रबंधक डॉ. शशिकांत दीक्षित ने आशीर्वचन दिया। संचालन डॉ. दीपिका बरनवाल व धन्यवाद ज्ञापन डॉ. ऋचा मिश्रा ने किया।
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