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सो रहा प्रशासन, क्यों न हो मनमानी0
Updated Mon, 30 Apr 2018 01:28 AM IST
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वाराणसी। देश-विदेश से प्रतिदिन बनारस पहुंचने वाले हजारों पर्यटकों के साथ हो रही धोखाधड़ी और मनमानी पर प्रशासन का रवैया बेहद लचर है। यही कारण है कि एयरपोर्ट से लेकर स्टेशन तक में आटो और टैक्सी चालक अपनी मनमानी करते हैं और मजबूरी का फायदा उठाकर बाहर से आने वालों से मनचाहा किराया भी वसूलते हैं। किराया तय करने में प्रशासन के सभी दावे हवा हवाई हैं, सच्चाई यह है कि ऑटो और टैक्सी चालक सिंडिकेट के हिसाब से किराया तय कर लेते हैं। किसी भी स्तर पर इसकी मॉनीटरिंग नहीं होने के चलते प्रतिदिन ऐसी न जाने कितनी ही शिकायतें नजरअंदाज हो रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लेकर शहर के प्रमुख रेलवे स्टेशन पर कागजों में तो यात्री सुविधाओं का पूरा खाका है। हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। एयरपोर्ट पर दो टैक्सी कंपनियां का अॅथारिटी से अनुबंध है और परिवहन विभाग की ओर से भी एक एजेंसी को वहां लाइसेंस जारी किया गया है। बावजूद इसके शाम को आने वाले विमानों के यात्रियों से मनमाना किराया वसूला जाता है। विकल्प नहीं होने पर यात्री उनकी मनमानी का शिकार हो रहे हैं। ऐसा ही हाल कैंट, काशी, मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन पर है।
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अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लेकर शहर के प्रमुख रेलवे स्टेशन पर कागजों में तो यात्री सुविधाओं का पूरा खाका है। हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। एयरपोर्ट पर दो टैक्सी कंपनियां का अॅथारिटी से अनुबंध है और परिवहन विभाग की ओर से भी एक एजेंसी को वहां लाइसेंस जारी किया गया है। बावजूद इसके शाम को आने वाले विमानों के यात्रियों से मनमाना किराया वसूला जाता है। विकल्प नहीं होने पर यात्री उनकी मनमानी का शिकार हो रहे हैं। ऐसा ही हाल कैंट, काशी, मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन पर है।
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