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बदहाल अवस्था में है मझवारा पीएचसी
Updated Wed, 07 Jun 2017 11:43 PM IST
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बदहाल अवस्था में है मझवारा पीएचसी
मझवारा। प्रदेश में नई सरकार के गठन के तीन माह बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार नजर नहीं आ रहा है। घोसी ब्लाक क्षेत्र के मझवारा बाजार स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। यहां लंबे समय से चिकित्सक का पद रिक्त चल रहा है। ऐसे में गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों का इलाज भगवान भरोसे हो रहा है। अस्पताल परिसर में बुनियादी सुविधाओं को बहाल तक नहीं किया जा सका है। यहां दवाओं का टोटा रहता है। लोगों ने आला अधिकारियों से शिकायत भी किया बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जा सका है।
घोसी ब्लाक के मझवारा बाजार स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मेें लंबे समय से चिकित्सक का पद रिक्त चल रहा है। ऐसे में फार्मासिस्ट के भरोसे अस्पताल का संचालन हो रहा है। अस्पताल का भवन जर्जर हो गया है। खिड़की टूट गई हैं। हल्की बरसात होने पर भवन के अंदर पानी रिसने लगता है। अस्पताल परिसर में गंदगी का अंबार लगा रहता है। अस्पताल के एक कक्ष में चार बेड हैं, लेकिन चादर बेहद गंदा रहता है। अस्पताल परिसर में लाखों की लागत से ओवरहेड टैंक तो बना है, लेकिन पानी नहीं आता है। यहां हैंडपंप भी लगा है, लेकिन प्रदूषित पानी उगल रहा है। इलाज कराने वाले मरीज प्रदूषित पानी पीकर बीमार पड़ जा रहे हैं।
लोगों का आरोप है कि अस्पताल में दवाओं का हमेशा अभाव रहता है। इस संबंध में क्षेत्र के रविंद्र यादव, जयनारायण सिंह, नंदकिशोर प्रसाद का कहना है कि चिकित्सक की तैनाती न होने से गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है। अस्पताल परिसर में बुनियादी सुविधाएं बहाल तक नहीं की जा सकी है। अस्पताल में सुविधाओं को बहाल नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन करने के लिए विवश होंगे। इस बाबत मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके मिश्र का कहना है कि सीमित संसाधन में मरीजों को बेहतर सुविधा देने का प्रयास जारी है। दरियाबाद में सीएचसी बन रहा है। वर्ष 2017 तक पूरा हो जाने पर पीएचसी को स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
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मझवारा। प्रदेश में नई सरकार के गठन के तीन माह बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार नजर नहीं आ रहा है। घोसी ब्लाक क्षेत्र के मझवारा बाजार स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। यहां लंबे समय से चिकित्सक का पद रिक्त चल रहा है। ऐसे में गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों का इलाज भगवान भरोसे हो रहा है। अस्पताल परिसर में बुनियादी सुविधाओं को बहाल तक नहीं किया जा सका है। यहां दवाओं का टोटा रहता है। लोगों ने आला अधिकारियों से शिकायत भी किया बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जा सका है।
घोसी ब्लाक के मझवारा बाजार स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मेें लंबे समय से चिकित्सक का पद रिक्त चल रहा है। ऐसे में फार्मासिस्ट के भरोसे अस्पताल का संचालन हो रहा है। अस्पताल का भवन जर्जर हो गया है। खिड़की टूट गई हैं। हल्की बरसात होने पर भवन के अंदर पानी रिसने लगता है। अस्पताल परिसर में गंदगी का अंबार लगा रहता है। अस्पताल के एक कक्ष में चार बेड हैं, लेकिन चादर बेहद गंदा रहता है। अस्पताल परिसर में लाखों की लागत से ओवरहेड टैंक तो बना है, लेकिन पानी नहीं आता है। यहां हैंडपंप भी लगा है, लेकिन प्रदूषित पानी उगल रहा है। इलाज कराने वाले मरीज प्रदूषित पानी पीकर बीमार पड़ जा रहे हैं।
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लोगों का आरोप है कि अस्पताल में दवाओं का हमेशा अभाव रहता है। इस संबंध में क्षेत्र के रविंद्र यादव, जयनारायण सिंह, नंदकिशोर प्रसाद का कहना है कि चिकित्सक की तैनाती न होने से गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है। अस्पताल परिसर में बुनियादी सुविधाएं बहाल तक नहीं की जा सकी है। अस्पताल में सुविधाओं को बहाल नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन करने के लिए विवश होंगे। इस बाबत मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके मिश्र का कहना है कि सीमित संसाधन में मरीजों को बेहतर सुविधा देने का प्रयास जारी है। दरियाबाद में सीएचसी बन रहा है। वर्ष 2017 तक पूरा हो जाने पर पीएचसी को स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
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