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अधिवक्ता कल्याण निधि की जाएगी पांच लाख
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वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिवक्ता कल्याण निधि की राशि डेढ़ लाख से बढ़ा कर पांच लाख रुपया करने का आश्वासन दिया है। साथ ही युवा अधिवक्ताओं को दी जाने वाली मानदेय की राशि पांच हजार से बढ़ाने का भी भरोसा दिया है।
बुधवार शाम पद्मविभूषण गिरिजा देवी सांस्कृतिक संकुल में आयोजित अधिवक्ता सम्मिलन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों के कचहरी परिसरों को टीनशेड मुक्त कर बहुमंजिले भवन जल्द बनवाए जाएंगे और अधिवक्ताओं के लिए आवासीय कॉलोनियां बनाई जाएंगी।
कहा, समाज के प्रबुद्धजनों में अधिवक्ता प्रथम श्रेणी में आते हैं और देश की स्वाधीनता के लिए समर्पित रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पांच वर्ष के कार्यकाल में वैश्विक स्तर पर देश का मान बढ़ा है और आंतरिक व बाह्य सुरक्षा मजबूत हुई है। देश में सौ लाख करोड़ से ऊपर का निवेश हुआ है। मुख्यमंत्री ने अपील की कि अधिवक्ता समुदाय प्रधानमंत्री को काशी से रिकार्ड मतों से जिताने में अहम भूमिका निभाए।
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इससे पहले राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी, विधायक रवींद्र जायसवाल, सेंट्रल बार अध्यक्ष शिवपूजन सिंह गौतम, बनारस बार अध्यक्ष राजेश मिश्र, कमिश्नरी बार अध्यक्ष मदनलाल, सेल टैक्स बार अध्यक्ष आनंद मौर्य, इनकम टैक्स बार अध्यक्ष ओपी शुक्ल, सेंट्रल बार महामंत्री बृजेश मिश्र, कमिश्नरी बार महामंत्री जगत नरायन मिश्र, यूपी बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष अरुण त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया। वहीं, विनोद पांडेय भैया जी ने त्रिशूल और मानबहादुर सिंह ने पंचमुखी हनुमान की पुस्तक भेंट की। कार्यक्रम का संचालन मुरलीधर सिंह और अनूप श्रीवास्तव ने किया।
देरी के लिए जताया खेद, अधिवक्ताओं का किया सम्मान
तय समय से तीन घंटा की देरी से पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने खेद जताया। मुख्यमंत्री के आने में काफी विलंब होने पर कई अधिवक्ता संकुल से चले गए थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिवक्ता राजेंद्र प्रताप पांडेय, राधेश्याम चौबे, विजय शंकर रस्तोगी और केएल के चंदानी को सम्मानित किया। वहीं, सेंट्रल बार अध्यक्ष शिवपूजन सिंह गौतम ने अधिवक्ता हित से जुड़े शैलेंद्र सरदार, आशीष सिंह, संजय सिंह दाढ़ी, राजा आनंद ज्योति सिंह, रंजन मिश्र, संजीव चौबे, नागेंद्र सिंह आदि के प्रस्ताव पर नौ सूत्रीय मांग पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा। पत्र के माध्यम से आईटीआर न दाखिल करने वाले अधिवक्ताओं को आयुष्मान योजना में शामिल करने, परिवहन निगम में 50 फीसदी रियायती टिकट, 20 लाख का बीमा, आवासीय सुविधा, वरिष्ठ अधिवक्ताओं के लिए 10 हजार प्रतिमाह पेंशन और कचहरी परिसर को टीनशेड से मुक्त करने के साथ ही पीने के पानी और नियमित सफाई की मांग की गई।
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बुधवार शाम पद्मविभूषण गिरिजा देवी सांस्कृतिक संकुल में आयोजित अधिवक्ता सम्मिलन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों के कचहरी परिसरों को टीनशेड मुक्त कर बहुमंजिले भवन जल्द बनवाए जाएंगे और अधिवक्ताओं के लिए आवासीय कॉलोनियां बनाई जाएंगी।
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कहा, समाज के प्रबुद्धजनों में अधिवक्ता प्रथम श्रेणी में आते हैं और देश की स्वाधीनता के लिए समर्पित रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पांच वर्ष के कार्यकाल में वैश्विक स्तर पर देश का मान बढ़ा है और आंतरिक व बाह्य सुरक्षा मजबूत हुई है। देश में सौ लाख करोड़ से ऊपर का निवेश हुआ है। मुख्यमंत्री ने अपील की कि अधिवक्ता समुदाय प्रधानमंत्री को काशी से रिकार्ड मतों से जिताने में अहम भूमिका निभाए।
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इससे पहले राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी, विधायक रवींद्र जायसवाल, सेंट्रल बार अध्यक्ष शिवपूजन सिंह गौतम, बनारस बार अध्यक्ष राजेश मिश्र, कमिश्नरी बार अध्यक्ष मदनलाल, सेल टैक्स बार अध्यक्ष आनंद मौर्य, इनकम टैक्स बार अध्यक्ष ओपी शुक्ल, सेंट्रल बार महामंत्री बृजेश मिश्र, कमिश्नरी बार महामंत्री जगत नरायन मिश्र, यूपी बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष अरुण त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया। वहीं, विनोद पांडेय भैया जी ने त्रिशूल और मानबहादुर सिंह ने पंचमुखी हनुमान की पुस्तक भेंट की। कार्यक्रम का संचालन मुरलीधर सिंह और अनूप श्रीवास्तव ने किया।
देरी के लिए जताया खेद, अधिवक्ताओं का किया सम्मान
तय समय से तीन घंटा की देरी से पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने खेद जताया। मुख्यमंत्री के आने में काफी विलंब होने पर कई अधिवक्ता संकुल से चले गए थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिवक्ता राजेंद्र प्रताप पांडेय, राधेश्याम चौबे, विजय शंकर रस्तोगी और केएल के चंदानी को सम्मानित किया। वहीं, सेंट्रल बार अध्यक्ष शिवपूजन सिंह गौतम ने अधिवक्ता हित से जुड़े शैलेंद्र सरदार, आशीष सिंह, संजय सिंह दाढ़ी, राजा आनंद ज्योति सिंह, रंजन मिश्र, संजीव चौबे, नागेंद्र सिंह आदि के प्रस्ताव पर नौ सूत्रीय मांग पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा। पत्र के माध्यम से आईटीआर न दाखिल करने वाले अधिवक्ताओं को आयुष्मान योजना में शामिल करने, परिवहन निगम में 50 फीसदी रियायती टिकट, 20 लाख का बीमा, आवासीय सुविधा, वरिष्ठ अधिवक्ताओं के लिए 10 हजार प्रतिमाह पेंशन और कचहरी परिसर को टीनशेड से मुक्त करने के साथ ही पीने के पानी और नियमित सफाई की मांग की गई।