{"_id":"5c76f10cbdec22130952194a","slug":"131551298828-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौसम का बदला मिजाज, तेज हवा से गिरा पारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौसम का बदला मिजाज, तेज हवा से गिरा पारा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। तेज धूप के बाद बुधवार को एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया। सुबह धूप तो निकली लेकिन दोपहर में मौसम ने अचानक करवट बदली और तेज हवा के साथ हल्की बारिश ने ठंड बढ़ा दी। मौसम वैज्ञानिक इसे पश्चिमी विक्षोभ और पहाड़ों पर हुई बर्फबारी का असर बता रहे हैं। इस तरह का मौसम अभी दो दिन और रहने की संभावना है।
अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की कमी आई। मंगलवार को अधिकतम तापमान जहां 28.6 सेंटीग्रेड रहा वहीं बुधवार को यह घटकर 26 डिग्री तक पहुंच गया। हालांकि न्यूनतम तापमान मंगलवार को 12.9 के मुकाबले बुधवार को 15.2 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय ने बताया कि पहाड़ों पर बर्फबारी हो रही है, इस वजह से अभी दो दिन मौसम का मिजाज ऐसे ही रहने की संभावना है।
मौसम के बदले रुख से किसान परेशान हैं। कछवा रोड के चित्रसेनपुर निवासी चंद्र प्रकाश पटेल का कहना है कि तेज बारिश होगी तो टमाटर की फसल खराब हो जाएगी। पूरे गांव के महेंद्र पाल के मुताबिक बारिश से अरहर के फसल को नुकसान पहुंच सकता है। बखरिया के किसान गुड्डू सिंह ने बताया की बरसात के साथ ओले पडे़ तो बहुत नुकसान होगा। हरहुआ के किसान गिरजा पांडेय, काजीसराय के चौहारजा पटेल, रामबलि पटेल बेमौसम बरसात से चिंतित दिखे। दरेखू के किसान रविशंकर सिंह, दुर्गापाल, अखरी के किसान दयानंद तिवारी, नारायणी सिंह, कमलेश सिंह ने बताया कि बारिश के साथ अगर तेज हवा चलती है तो गेहूं की फसलें भी बेकार हो जाएंगी।
विज्ञापन
मौसम बिगड़ने से दलहनी, तिलहनी के साथ आम और पपीता के फलों को नुकसान पहुंचने की संभावना है। धौरहरा के किसान अजय सिंह, रमचंदीपुर के सुनील कुमार यादव, चंद्रावती के ओम प्रकाश पांडेय, अनेवा के रामजी मौर्य का कहना है ढाब क्षेत्र में 50 बीघे से अधिक क्षेत्रफल में किसानों ने पपीते की खेती की है। यदि बरसात के साथ ओले पड़े तो पपीते के फल क्षतिग्रस्त हो जाएंगे। जिला उद्यान अधिकारी का कहना है कि वाराणसी में फसल बीमा में पपीता की फसल का नाम नहीं है।
विज्ञापन
अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की कमी आई। मंगलवार को अधिकतम तापमान जहां 28.6 सेंटीग्रेड रहा वहीं बुधवार को यह घटकर 26 डिग्री तक पहुंच गया। हालांकि न्यूनतम तापमान मंगलवार को 12.9 के मुकाबले बुधवार को 15.2 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय ने बताया कि पहाड़ों पर बर्फबारी हो रही है, इस वजह से अभी दो दिन मौसम का मिजाज ऐसे ही रहने की संभावना है।
विज्ञापन
मौसम के बदले रुख से किसान परेशान हैं। कछवा रोड के चित्रसेनपुर निवासी चंद्र प्रकाश पटेल का कहना है कि तेज बारिश होगी तो टमाटर की फसल खराब हो जाएगी। पूरे गांव के महेंद्र पाल के मुताबिक बारिश से अरहर के फसल को नुकसान पहुंच सकता है। बखरिया के किसान गुड्डू सिंह ने बताया की बरसात के साथ ओले पडे़ तो बहुत नुकसान होगा। हरहुआ के किसान गिरजा पांडेय, काजीसराय के चौहारजा पटेल, रामबलि पटेल बेमौसम बरसात से चिंतित दिखे। दरेखू के किसान रविशंकर सिंह, दुर्गापाल, अखरी के किसान दयानंद तिवारी, नारायणी सिंह, कमलेश सिंह ने बताया कि बारिश के साथ अगर तेज हवा चलती है तो गेहूं की फसलें भी बेकार हो जाएंगी।
विज्ञापन
मौसम बिगड़ने से दलहनी, तिलहनी के साथ आम और पपीता के फलों को नुकसान पहुंचने की संभावना है। धौरहरा के किसान अजय सिंह, रमचंदीपुर के सुनील कुमार यादव, चंद्रावती के ओम प्रकाश पांडेय, अनेवा के रामजी मौर्य का कहना है ढाब क्षेत्र में 50 बीघे से अधिक क्षेत्रफल में किसानों ने पपीते की खेती की है। यदि बरसात के साथ ओले पड़े तो पपीते के फल क्षतिग्रस्त हो जाएंगे। जिला उद्यान अधिकारी का कहना है कि वाराणसी में फसल बीमा में पपीता की फसल का नाम नहीं है।