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प्रतिद्वंद्वी को फंसाने के लिए सीर और अहरौरा में रखा गया था डेटोनेटर

Wed, 06 Feb 2019 01:42 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 06 Feb 2019 01:42 AM IST
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प्रतिद्वंद्वी को फंसाने के लिए सीर और अहरौरा में रखा गया था डेटोनेटर
वाराणसी/अहरौरा (मिर्जापुर)। सीरगोवर्धनपुर स्थित लौटूबीर मंदिर के समीप और मिर्जापुर के अहरौरा थाना के बरबकपुर गांव से बरामद हुए 2000 डेटोनेटर और तार के प्रकरण का पुलिस ने मंगलवार को खुलासा किया। मामले में मिर्जापुर के अदलहाट थाना के रजौली निवासी चंद्रशंकर सिंह उर्फ गुड्डू और योगेंद्र प्रसाद उर्फ साधू को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, विस्फोटक का धंधा मंदा होने पर प्रतिद्वंद्वी को फंसा कर उसका लाइसेंस निरस्त कराने के लिए प्रेमशंकर ने यह साजिश रची थी।
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मिर्जापुर जिले के बरबकपुर गांव के पास बीते शनिवार की शाम झाड़ियों में बैग में पांच सौ डेटोनेटर मिला था। अगले दिन रविवार को लंका थाना के सीरगोवर्धनपुर स्थित लौटूबीर मंदिर के समीप कार्टन में 1500 डेटोनेटर मिला। एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि इंस्पेक्टर लंका भारत भूषण तिवारी ने एसआई प्रकाश सिंह के साथ तफ्तीश शुरू की। कार्टन पर राजस्थान के धौलपुर स्थित कंपनी का नाम लिखा था। वहां संपर्क किया गया तो पता लगा कि डेटोनेटर मिर्जापुर के देवनाथपुर स्थित मिश्रा एक्सप्लोसिव गोदाम गया था और यहां से मां वैष्णव एक्सप्लोसिव फर्म को सप्लाई किया गया था।
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30 जनवरी को आरोपी चंद्रशंकर सिंह ने पैसे का लालच देकर मां वैष्णव फर्म के गोदाम के गार्ड योगेंद्र से दो हजार डेटोनेटर की चोरी कराया। इसके बाद पहले उसे बरबकपुर और फिर सीरगोवर्धनपुर में रखवाया। पुलिस को जिस नंबर से डेटोनेटर रखे जाने की सूचना दी गई थी उसकी कॉल डिटेल खंगाली गई तो चंद्रशंकर और जोगेंद्र की करतूत सामने आई। पुलिस के अनुसार चंद्रशंकर सिंह का विस्फोटक का धंधा मंदा चल रहा था। उसने सोचा कि यदि राजेंद्र सिंह और प्रेमशंकर सिंह की मां वैष्णव एक्सप्लोसिव फर्म के डेटोनेटर को कार्टन के साथ रखा जाएगा तो दोनों पकड़े जाएंगे। इसके साथ ही उनका लाइसेंस निरस्त हो जाएगा और फिर वो खनन क्षेत्र में मनमाने तरीके से डेटोनेटर बेच कर मुनाफा कमा सकेगा।
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2014 से धंधा प्रभावित
अहरौरा क्षेत्र की पहाड़ियों में कई वर्षों तक अकेले विस्फोटकों की सप्लाई करने के कारण चंद्रशंकर का काफी दबदबा था। वर्ष 2014 में रजौली गांव के ही राजेंद्र और प्रेमशंकर सिंह ने मां वैष्णव फर्म के नाम से विस्फोटक आपूर्ति करने का लाइसेंस बनवाया। मां वैष्णव फर्म के क्षेत्र में आ जाने से मां भंडारी फर्म जिसका संचालन चंद्रशंकर सिंह उर्फ गुड्डू करता था, वह प्रभावित होने लगा। बड़े पत्थर व्यवसायी मां वैष्णव के फर्म से ही विस्फोटक लेने लगे। इससे चंद्रशंकर का व्यवसाय ठप पड़ गया। इसे लेकर चंद्रशंकर परेशान रहता था। वहीं, मिर्जापुर के एसपी विपिन मिश्रा ने बताया कि तीन दिन तक मां वैष्णव एक्सप्लोसिव फर्म के संचालक ने मामले को दबाने का प्रयास किया। उसने विस्फोटक चोरी होने की पुलिस को जानकारी तक नहीं दी। इसलिए फर्म के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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