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हस्तनिर्मित उत्पादों के लिए समान नीति हो
Updated Fri, 14 Dec 2018 02:08 AM IST
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वाराणसी। पूर्वांचल के निर्यातकों ने मशीन निर्मित व हस्तनिर्मित उत्पादों के लिए समान नीति की मांग की है।
गुरुवार को नदेसर स्थित पूर्वांचल निर्यातक संघ के कार्यालय में निर्यातकों ने अमेरिकी दूतावास के अधिकारियों के साथ बैठक में यह मांग की। ग्रीन एनर्जी उत्पादों को अमेरिका में ड्यूटी फ्री करने के लिए आवाज उठाते हुए कहा कि ऐसा करने से निर्यात बढ़ेगा।
संघ के अध्यक्ष डॉ. दीपशंकर व्यास ने कहा कि अमेरिका पूर्वांचल के उत्पादों का सबसे बड़ा खरीदार है। जीआई उत्पादों का अमेरिका में प्रचार-प्रसार करने की जरूरत है। अमेरिकी प्रतिनिधियों के सामने निर्यातकों ने कहा कि भदोही की कालीन, गाजीपुर की वॉल हैंगिंग, बनारसी हैंडलूम साड़ी व ब्रोकेड, सॉफ्ट स्टोन के उत्पाद सहित अन्य वस्तुएं ग्रीन उत्पादों की श्रेणी में आते हैं। इनमें श्रम ज्यादा लगता है और पर्यावरण के लिए हानिकर नहीं हैं। बैठक में दोनों देशों के बाद कारोबारियों और सरकारी अधिकारियों के स्तर पर लगातार संवाद की जरूरत भी बताई गई।
पूर्वांचल से केमिकल, अल्युमिनियम सहित हस्तशिल्प व हथकरघा उत्पादों का काफी मात्रा में निर्यात होता है। पूर्वांचल से दुनिया में हस्तशिल्प व हथकरघा उत्पादों के कुल निर्यात में 40 फीसदी हिस्सा अमेरिका का है। इस लिहाज से अमेरिकी दूतावास के अधिकारियों के साथ बैठक अहम मानी जा रही है।
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बैठक में विदेश व्यापार विभाग के संयुक्त महानिदेशक अमित कुमार, पूर्व अध्यक्ष अशोक गुप्ता, राजीव अग्रवाल, नवीन कपूर, सचिव विवेक बरनवाल और कोषाध्यक्ष जुनैद अंसारी मौजूद रहे।
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गुरुवार को नदेसर स्थित पूर्वांचल निर्यातक संघ के कार्यालय में निर्यातकों ने अमेरिकी दूतावास के अधिकारियों के साथ बैठक में यह मांग की। ग्रीन एनर्जी उत्पादों को अमेरिका में ड्यूटी फ्री करने के लिए आवाज उठाते हुए कहा कि ऐसा करने से निर्यात बढ़ेगा।
संघ के अध्यक्ष डॉ. दीपशंकर व्यास ने कहा कि अमेरिका पूर्वांचल के उत्पादों का सबसे बड़ा खरीदार है। जीआई उत्पादों का अमेरिका में प्रचार-प्रसार करने की जरूरत है। अमेरिकी प्रतिनिधियों के सामने निर्यातकों ने कहा कि भदोही की कालीन, गाजीपुर की वॉल हैंगिंग, बनारसी हैंडलूम साड़ी व ब्रोकेड, सॉफ्ट स्टोन के उत्पाद सहित अन्य वस्तुएं ग्रीन उत्पादों की श्रेणी में आते हैं। इनमें श्रम ज्यादा लगता है और पर्यावरण के लिए हानिकर नहीं हैं। बैठक में दोनों देशों के बाद कारोबारियों और सरकारी अधिकारियों के स्तर पर लगातार संवाद की जरूरत भी बताई गई।
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पूर्वांचल से केमिकल, अल्युमिनियम सहित हस्तशिल्प व हथकरघा उत्पादों का काफी मात्रा में निर्यात होता है। पूर्वांचल से दुनिया में हस्तशिल्प व हथकरघा उत्पादों के कुल निर्यात में 40 फीसदी हिस्सा अमेरिका का है। इस लिहाज से अमेरिकी दूतावास के अधिकारियों के साथ बैठक अहम मानी जा रही है।
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बैठक में विदेश व्यापार विभाग के संयुक्त महानिदेशक अमित कुमार, पूर्व अध्यक्ष अशोक गुप्ता, राजीव अग्रवाल, नवीन कपूर, सचिव विवेक बरनवाल और कोषाध्यक्ष जुनैद अंसारी मौजूद रहे।