फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   अवैध कब्जा हटाने में अधिकारी करते हैं हीलाहवाली

अवैध कब्जा हटाने में अधिकारी करते हैं हीलाहवाली

Wed, 07 Nov 2018 07:36 PM IST
Updated Wed, 07 Nov 2018 07:36 PM IST
विज्ञापन
अवैध कब्जा हटाने में अधिकारी करते हैं हीलाहवाली
अवैध कब्जा हटाने में अधिकारियों की हीलाहवाली
विज्ञापन

- शिकायतों का निस्तारण करने के बजाए कोर्ट जाने की दे रहे सलाह
अमर उजाला ब्यूरो
बलिया। राजस्व विभाग के अधिकारी व कर्मचारी सार्वजनिक व निजी जमीनों पर अतिक्रमण तथा अवैध कब्जा हटाने में रुचि नहीं लेते। पीड़ित की ओर से बार-बार शिकायत करने पर अधिकारी मामले का निस्तारण करने के बजाए उसे न्यायालय से निस्तारण कराने की रिपोर्ट लगाकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। इससे प्रदेश सरकार की ओर से संचालित एंटी भूमाफिया व अतिक्रमण विरोधी अभियान की हवा निकल रही है।
वर्ष 2017 में प्रदेश की सरकार ने सार्वजनिक व निजी जमीनों से अतिक्रमण व अवैध कब्जा हटाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया। इसके तहत प्रत्येक जिले में अतिक्रमण विरोधी दस्ता गठित करने का भी फरमान जारी किया गया। सरकार ने यह भी निर्देश दिया कि किसी के निजी जमीन पर दबंगों की ओर से किए अवैध कब्जे में हटाने के लिए भी कार्रवाई की जाए। लेकिन 19 माह में जिले में अतिक्रमण हटाने व निजी व सार्वजनिक जमीनों पर से अवैध कब्जा हटवाने को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इतना ही नहीं शिकायत करने के बाद भी अधिकारियों ने इसको लेकर टाल मटोल करने का काम किया और बार-बार शिकायत मिलने पर इसके लिए न्यायालय में वाद दाखिल कर इसका निस्तारण कराने का सुझाव देते हुए इस तरह के प्रकरणों को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
विज्ञापन


केस-1
दुबहड़ थाना क्षेत्र के रामपुर टिटिही गांव की पुष्पा सिंह ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर बताया कि दबंगों ने उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया है और मेरी गिरी हुई दीवार को खड़ा नहीं करने दे रहे। डीएम ने राजस्व व पुलिस विभाग की संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई करने को कहा। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। केवल अक्टूबर माह में पुष्पा ने डीएम को आठ बार शिकायत की और हर बार डीएम यही आदेश भी देते रहे लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई तो पुष्पा ने पांच दिनों पर आत्मदाह की चेतावनी दी। इस बार भी डीएम ने आदेश दिया लेकिन राजस्व विभाग की टीम लेखपाल दिव्यांशु यादव, तहसीलदार राम नारायण वर्मा व एसडीएम अश्विनी कुमार श्रीवास्तव ने 26 अक्टूबर को पीड़ित महिला को दीवानी न्यायालय में वाद दायर कर मामले का निस्तारण कराने का निर्देश देकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


केस-2
नरहीं थाना क्षेत्र के भरौली गांव निवासी व गड़हा विकास मंच के अध्यक्ष चंद्रमणि राय ने गांव की आधा दर्जन से अधिक गड़हियों पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए अधिकारियों से लेकर जन सुनवाई पोर्टल व संपूर्ण समाधान दिवस पर दर्जनों बार शिकायत किया। पहले तो अधिकारियों ने टाल मटोल किया और लगातार शिकायत मिलने पर राजस्व विभाग ने कार्रवाई के बजाए मामले केे न्यायालय में वाद दायर कर निस्तारण कराने का सुझाव देकर शिकायतों को ठंडे बस्ते में डाल दिया। आलम यह है कि गांव की गड़हियों पर दर्जनों लोगों का अतिक्रमण ज्यों का त्यों है।


वर्जन =
अतिक्रमण व अवैध कब्जा हटाने को लेकर टीम बनाकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया जाता है और इसका हर हाल में निस्तारण करने का प्रावधान है। कोर्ट जाने का सुझाव देने का प्रकरण उनके संज्ञान में नहीं आया है, अगर मामला आता है तो इसके निस्तारण के लिए कार्रवाई की जाएगी।
मनोज सिंघल, एडीएम, बलिया
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed