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वाराणसी नगर निगम ने नहीं दी अवैध कब्जों की जानकारी
Updated Thu, 13 Sep 2018 02:16 AM IST
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वाराणसी/लखनऊ। सरकारी जमीनों से अवैध कब्जा हटाना भले ही सरकार की प्राथमिकताओं में हो लेकिन नगर निकायों के अफसरों की दिलचस्पी इस काम में नहीं है। स्थिति यह है कि नजूल भूमि से कब्जा हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने के बाद भी 10 नगर निगमों और करीब 110 से अधिक निकायों में सैकड़ों एकड़ नजूल भूमि पर अब भी अवैध कब्जा कायम है। अफसर नगर निकाय शासन द्वारा बार-बार मांगने के बाद भी अवैध कब्जे की जानकारी देने से कतरा रहे हैं। ऐसा करने वालों में वाराणसी नगर निगम भी शामिल है।
प्रदेश में भूमाफिया विरोधी एक्ट लागू होने के बाद नगर विकास विभाग ने सभी नगर निकायों से अवैध कब्जे के खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्योरा मांगा था। एक उच्च अधिकारी का कहना है कि अफसरों के टाल-मटोल को गंभीरता से लिया जाएगा। हालांकि, एक और मौका देते हुए एक सप्ताह में अवैध कब्जे का ब्योरा मांगा गया है। यदि अब भी उदासीन बने रहे तो कार्रवाई की जाएगी। ब्योरा न देने वाले निकायों में 17 नगर निगमों में से 10 ने अवैध कब्जे की सूचना नहीं दी है। इनमें राजधानी लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, सहारनपुर, फिरोजाबाद, कानपुर, इलाहाबाद, आगरा, अयोध्या व मथुरा-वृंदावन शामिल हैं।
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प्रदेश में भूमाफिया विरोधी एक्ट लागू होने के बाद नगर विकास विभाग ने सभी नगर निकायों से अवैध कब्जे के खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्योरा मांगा था। एक उच्च अधिकारी का कहना है कि अफसरों के टाल-मटोल को गंभीरता से लिया जाएगा। हालांकि, एक और मौका देते हुए एक सप्ताह में अवैध कब्जे का ब्योरा मांगा गया है। यदि अब भी उदासीन बने रहे तो कार्रवाई की जाएगी। ब्योरा न देने वाले निकायों में 17 नगर निगमों में से 10 ने अवैध कब्जे की सूचना नहीं दी है। इनमें राजधानी लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, सहारनपुर, फिरोजाबाद, कानपुर, इलाहाबाद, आगरा, अयोध्या व मथुरा-वृंदावन शामिल हैं।
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