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स्वच्छता का सच परखने पहुंची निदेशालय की टीम
Updated Sun, 07 Jan 2018 01:29 AM IST
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ज्ञानपुर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले को ओडीएफ बनाने के लिए कराए जा रहे विकास कार्यों की हकीकत परखने के लिए जिला पंचायतराज निदेशालय की क्षेत्रीय टीम पहुंची है। यह टीम 339 राजस्व गांवों को गांवों को खुले में शौच से मुक्त घोषित करने के प्रशासनिक दावों के साथ ही जिले की अन्य ग्राम सभाओं में भी शौचालय निर्माण का सत्यापन करेगी। आठ सदस्यीय टीम 20 दिनों तक जिले के विभिन्न गांवों का दौरा कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन अभियान के तहत जिले के 1091 राजस्व गांवों को खुले में शौच से मुक्त करने की कवायद चल रही है। इसके लिए 1.50 लाख शौचालयों का निर्माण कराया जाना है। दिसंबर 2017 तक जिले को खुले में शौच से मुक्त करना था, लेकिन जरूरी सामान और बजट की कमी के चलते यह शौचालयों का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। इसको देखते हुए अब मार्च 2018 तक जिले को खुले में शौच से मुक्त करने का लक्ष्य तय किया है। जिला पंचायत राज विभाग के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो अब तक 339 राजस्व गांवों को ओडीएफ किया गया है, लेकिन गांवों में हकीकत कुछ अलग ही है। प्रशासनिक दावों की जांच के लिए डिप्टी डायरेक्टर एके शाही के नेतृत्व में आठ सदस्यीय टीम जिले में आई है। डीघ, सुरियावां, भदोही, औराई और ज्ञानपुर ब्लॉक के ओडीएफ बने राजस्व गांवों की जांच टीम कर रही है। जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल त्रिपाठी ने कहा कि निदेशालय से आए अधिकारी प्रतिदिन जांच कर वाराणसी चले जा रहे हैं। आगामी 20 दिनों में यह जांच पूर्ण कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि मार्च 2018 से पूर्व केंद्रीय और प्रदेश स्तरीय टीम भी ओडीएफ की जांच करने के लिए आएगी।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन अभियान के तहत जिले के 1091 राजस्व गांवों को खुले में शौच से मुक्त करने की कवायद चल रही है। इसके लिए 1.50 लाख शौचालयों का निर्माण कराया जाना है। दिसंबर 2017 तक जिले को खुले में शौच से मुक्त करना था, लेकिन जरूरी सामान और बजट की कमी के चलते यह शौचालयों का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। इसको देखते हुए अब मार्च 2018 तक जिले को खुले में शौच से मुक्त करने का लक्ष्य तय किया है। जिला पंचायत राज विभाग के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो अब तक 339 राजस्व गांवों को ओडीएफ किया गया है, लेकिन गांवों में हकीकत कुछ अलग ही है। प्रशासनिक दावों की जांच के लिए डिप्टी डायरेक्टर एके शाही के नेतृत्व में आठ सदस्यीय टीम जिले में आई है। डीघ, सुरियावां, भदोही, औराई और ज्ञानपुर ब्लॉक के ओडीएफ बने राजस्व गांवों की जांच टीम कर रही है। जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल त्रिपाठी ने कहा कि निदेशालय से आए अधिकारी प्रतिदिन जांच कर वाराणसी चले जा रहे हैं। आगामी 20 दिनों में यह जांच पूर्ण कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि मार्च 2018 से पूर्व केंद्रीय और प्रदेश स्तरीय टीम भी ओडीएफ की जांच करने के लिए आएगी।
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