{"_id":"5a47fa734f1c1b502b8b7776","slug":"131514666611-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"असलहा धारकों के लिए कैप्सूल कोर्स जरूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
असलहा धारकों के लिए कैप्सूल कोर्स जरूरी
Updated Sun, 31 Dec 2017 02:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। असलहे के लाइसेंस का नवीनीकरण कराना अब आसान नहीं होगा। अब उन्हें पुलिस लाइन में दो दिन का कैप्सूल कोर्स करना होगा। आर्मोरर और प्रतिसार निरीक्षक उन्हें प्रशिक्षण देंगे, जिसके उपरांत प्रमाणपत्र जारी होगा। इन प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद ही असलहे के लाइसेंस का नवीनीकरण हो पाएगा।
जिले में तकरीबन चार हजार असलहा धारक हैं। इनमें ज्यादातर लोगों के पास रिवाल्वर और पिस्टल का लाइसेंस है। एक बार में तीन साल के लिए लाइसेंस जारी किया जाता है। हर पांच साल बाद जिला प्रशासन और पुलिस की रिपोर्ट के बाद असलहों का नवीनीकरण किया जाता है। इसके लिए निर्धारित शुल्क भी जमा करना होता है। नवीनीकरण के लिए शूटिंग रेंज में फायरिंग कराने का प्रावधान है लेकिन अमूमन प्रभावशाली लोग घर बैठे ही नवीनीकरण करा लेते हैं। अब शासन ने इसमें सख्ती की है। डीएम और एसएसपी को भेजे गए शासनादेश के मुताबिक नवीनीकरण का आवेदन करने वालों को पुलिस लाइन में दो दिन का कैप्सूल कोर्स करना जरूरी होगा। इस दौरान आवेदन करने वालों को असलहा चलाने और उसके रखरखाव का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद पुलिस विभाग उन्हें प्रमाणपत्र देगा, जिसके आधार पर लाइसेंस का नवीनीकरण होगा।
विज्ञापन
जिले में तकरीबन चार हजार असलहा धारक हैं। इनमें ज्यादातर लोगों के पास रिवाल्वर और पिस्टल का लाइसेंस है। एक बार में तीन साल के लिए लाइसेंस जारी किया जाता है। हर पांच साल बाद जिला प्रशासन और पुलिस की रिपोर्ट के बाद असलहों का नवीनीकरण किया जाता है। इसके लिए निर्धारित शुल्क भी जमा करना होता है। नवीनीकरण के लिए शूटिंग रेंज में फायरिंग कराने का प्रावधान है लेकिन अमूमन प्रभावशाली लोग घर बैठे ही नवीनीकरण करा लेते हैं। अब शासन ने इसमें सख्ती की है। डीएम और एसएसपी को भेजे गए शासनादेश के मुताबिक नवीनीकरण का आवेदन करने वालों को पुलिस लाइन में दो दिन का कैप्सूल कोर्स करना जरूरी होगा। इस दौरान आवेदन करने वालों को असलहा चलाने और उसके रखरखाव का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद पुलिस विभाग उन्हें प्रमाणपत्र देगा, जिसके आधार पर लाइसेंस का नवीनीकरण होगा।
विज्ञापन