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कोहरे और सर्द हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन
Updated Thu, 21 Dec 2017 02:37 AM IST
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वाराणसी। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी और पछुआ हवाओं ने पूर्वांचल में ठिठुरन बढ़ा दी है। दिसंबर माह में पहली बार बुधवार को लोगों को सर्द हवाओं के साथ घने कोहरे का सामना करना पड़ा। तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को अधिकतम तापमान 21 और न्यूनतम तापमान 9.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया वहीं मंगलवार को अधिकतम तापमान 22 डिग्री और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहा।
सुबह घने कोहरे के कारण दृश्यता कम हो गई। वाहनों की रफ्तार सुस्त रही और 50 मीटर तक भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था। कोहरे और सर्द मौसम के चलते सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों को परेशानी उठानी पड़ी। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भी ट्रेन और बसों का इंतजार कर रहे यात्री ठिठुरते रहे। इस कड़कड़ाती सर्दी में भी नगर निगम ने रैन बसेरों की मुकम्मल व्यवस्था नहीं की है। कई रैन बसेरों में पुआल भी नहीं डाली गई है। गरीब पुरानी दरी व फटे कंबल के सहारे रात गुजार रहे हैं। टाउनहाल स्थित रैन बसेरे का हाल कुछ ऐसा ही है।
उधर गंगा घाटों पर रहने वाले भिखारियों के लिए भी ठंड ने परेशानियां खड़ी कर दी हैं। नगर आयुक्त का कहना है कि शहर के 12 रैन बसेरों और 10 सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने का निर्देश दिया गया है। निगम के अधिकारियों का दावा है कि शहर में 22 स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई है।
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बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो. एसएन पांडेय का कहना है कि पश्चिमी हवाओं के चलते पूर्वांचल के सभी जिलों में ठंड और गलन में बढ़ोत्तरी होने की संभावना है। सुबह और शाम को मैदानी इलाकों में कोहरे का असर शुरू हो चुका है। मंगलवार की देर शाम से मौसम में बदलाव शुरू हुआ और बुधवार की सुबह कोहरे ने ठंड और बढ़ा दी।
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सुबह घने कोहरे के कारण दृश्यता कम हो गई। वाहनों की रफ्तार सुस्त रही और 50 मीटर तक भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था। कोहरे और सर्द मौसम के चलते सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों को परेशानी उठानी पड़ी। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भी ट्रेन और बसों का इंतजार कर रहे यात्री ठिठुरते रहे। इस कड़कड़ाती सर्दी में भी नगर निगम ने रैन बसेरों की मुकम्मल व्यवस्था नहीं की है। कई रैन बसेरों में पुआल भी नहीं डाली गई है। गरीब पुरानी दरी व फटे कंबल के सहारे रात गुजार रहे हैं। टाउनहाल स्थित रैन बसेरे का हाल कुछ ऐसा ही है।
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उधर गंगा घाटों पर रहने वाले भिखारियों के लिए भी ठंड ने परेशानियां खड़ी कर दी हैं। नगर आयुक्त का कहना है कि शहर के 12 रैन बसेरों और 10 सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने का निर्देश दिया गया है। निगम के अधिकारियों का दावा है कि शहर में 22 स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई है।
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बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो. एसएन पांडेय का कहना है कि पश्चिमी हवाओं के चलते पूर्वांचल के सभी जिलों में ठंड और गलन में बढ़ोत्तरी होने की संभावना है। सुबह और शाम को मैदानी इलाकों में कोहरे का असर शुरू हो चुका है। मंगलवार की देर शाम से मौसम में बदलाव शुरू हुआ और बुधवार की सुबह कोहरे ने ठंड और बढ़ा दी।