{"_id":"5a36dca34f1c1b686a8ba50d","slug":"131513544867-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दृढ़ता और आत्मविश्वास बढ़ाता है कराटे: अनुप्रिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दृढ़ता और आत्मविश्वास बढ़ाता है कराटे: अनुप्रिया
Updated Mon, 18 Dec 2017 02:37 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल का कहना है कि जिसके पास दृढ़ता है, आत्मविश्वास है आत्मानुशासन है, वह जीवन में कभी किसी परेशानी में नहीं फंसेगा। कराटे आपके जीवन में ये सारे गुण भर देता है। केंद्रीय मंत्री रविवार को मानव एकेडमी और मार्शल आर्ट्स और अमर उजाला फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में सिगरा स्थित संपूर्णानंद स्टेडियम में तीन दिन चली तीसरी राष्ट्रीय ओपन कराटे चैंपियनशिप के समापन समारोह में करातेकाओ को संबोधित कर रही थीं।
अनुप्रिया ने कहा, कराटे बिना किसी हथियार के आत्मरक्षा करने का तरीका है। अमर उजाला फाउंडेशन की यह पहल समाज में सकारात्मक संदेश देगी। बैडमिंटन हाल में मौजूद करातेकाओ को देखकर अपना बचपन याद आ गया। बताया, मैंने भी कभी करातेकाओ की ड्रेस पहनी थी। प्रारंभिक स्तर पर कराटे की खिलाड़ी रही हूं। हालांकि मेरा यह शौक पूरा ही नहीं हो सका और बीच में ही छोड़ना पड़ा। इसके साथ ही उन्होंने कहा, मुझे खुशी है कि बेटियां बेटों से ज्यादा संख्या में कराटे सीख रही हैं। प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।
कहा, पहले कहावत हुआ करती थी पढ़ोगे लिखोगे होगे नवाब, खेलोगे कूदोगे होगे खराब। लेकिन अब बदलते समय के साथ कहावत बदल गई है। प्रधानमंत्री जी कहते हैं कि खेलोगे तो खिलोगे। मार्शल आर्ट्स आपको दृढ़ता सीखाती है आप एक दूसरे को प्रेरणा दे सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अनुप्रिया ने कहा, कराटे बिना किसी हथियार के आत्मरक्षा करने का तरीका है। अमर उजाला फाउंडेशन की यह पहल समाज में सकारात्मक संदेश देगी। बैडमिंटन हाल में मौजूद करातेकाओ को देखकर अपना बचपन याद आ गया। बताया, मैंने भी कभी करातेकाओ की ड्रेस पहनी थी। प्रारंभिक स्तर पर कराटे की खिलाड़ी रही हूं। हालांकि मेरा यह शौक पूरा ही नहीं हो सका और बीच में ही छोड़ना पड़ा। इसके साथ ही उन्होंने कहा, मुझे खुशी है कि बेटियां बेटों से ज्यादा संख्या में कराटे सीख रही हैं। प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।
विज्ञापन
कहा, पहले कहावत हुआ करती थी पढ़ोगे लिखोगे होगे नवाब, खेलोगे कूदोगे होगे खराब। लेकिन अब बदलते समय के साथ कहावत बदल गई है। प्रधानमंत्री जी कहते हैं कि खेलोगे तो खिलोगे। मार्शल आर्ट्स आपको दृढ़ता सीखाती है आप एक दूसरे को प्रेरणा दे सकते हैं।
विज्ञापन