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अस्पताल संचालकों को पंद्रह दिन की मोहलत
Updated Sun, 10 Dec 2017 02:22 AM IST
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वाराणसी। अस्पतालों और नर्सिंग होम में बने बेसमेंट के व्यावसायिक इस्तेमाल के खिलाफ वीडीए की कार्रवाई के बाद अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया है। शनिवार को यूपी नर्सिंग होम एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अजीत सैगल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण और वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित खरे से मुलाकात की। वीडीए की वेबसाइट का उद्घाटन करने पहुंचे राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी से भी फरियाद लगाई। मंत्री के हस्तक्षेप से बेसमेंट खाली कराने के लिए अस्पताल संचालकों को पंद्रह दिन की मोहलत दी गई है।
वीडीए उपाध्यक्ष ने चिकित्सकों से दो टूक कहा कि बेसमेंट का व्यावसायिक इस्तेमाल नहीं होने दिया जाएगा। जिन अस्पतालों का बेसमेंट सील किया गया है, वे अस्पताल प्रबंधक और संचालक वहां से पैथालाजी सेंटर, जांच मशीन, उपकरण को दी गई, समय सीमा में हटा लें। बेसमेंट में पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराई जाए। ऐसा नहीं हुआ तो निर्धारित समयावधि के बाद नक्शे के आधार पर जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण ने कहा कि कहा कि चिकित्सक इसमें सहयोग करें और बेसमेंट का उपयोग पार्किंग के लिए सुनिश्चित कराया जाए।
मंत्री ने कहा कि जो अस्पताल, नर्सिंग होम आवासीय इलाके में चल रहे हैं, उनका भू उपयोग व्यावसायिक कर वीडीए उनका नक्शा पास करे और इसका जो भी उचित शुल्क हो वसूल करे। इस प्रक्रिया में किसी भी चिकित्सक को परेशान नहीं किया जाए बल्कि सबके सहयोग से यह प्रक्रिया पूरी की जाए। इस मौके पर आईएमए अध्यक्ष डॉ. अरविंद सिंह, डॉ. कुसुम चंद्रा, डॉ. अनिल ओहरी मौजूद रहे। गौरतलब है कि वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित खरे के निर्देश पर शुक्रवार को10 बड़े नर्सिंग होम/अस्पतालों के बेसमेंट सील कर कर दिए गए थे। यहां पार्किंग के लिए बनाए गए बेसमेंट का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा था।
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वीडीए उपाध्यक्ष ने चिकित्सकों से दो टूक कहा कि बेसमेंट का व्यावसायिक इस्तेमाल नहीं होने दिया जाएगा। जिन अस्पतालों का बेसमेंट सील किया गया है, वे अस्पताल प्रबंधक और संचालक वहां से पैथालाजी सेंटर, जांच मशीन, उपकरण को दी गई, समय सीमा में हटा लें। बेसमेंट में पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराई जाए। ऐसा नहीं हुआ तो निर्धारित समयावधि के बाद नक्शे के आधार पर जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण ने कहा कि कहा कि चिकित्सक इसमें सहयोग करें और बेसमेंट का उपयोग पार्किंग के लिए सुनिश्चित कराया जाए।
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मंत्री ने कहा कि जो अस्पताल, नर्सिंग होम आवासीय इलाके में चल रहे हैं, उनका भू उपयोग व्यावसायिक कर वीडीए उनका नक्शा पास करे और इसका जो भी उचित शुल्क हो वसूल करे। इस प्रक्रिया में किसी भी चिकित्सक को परेशान नहीं किया जाए बल्कि सबके सहयोग से यह प्रक्रिया पूरी की जाए। इस मौके पर आईएमए अध्यक्ष डॉ. अरविंद सिंह, डॉ. कुसुम चंद्रा, डॉ. अनिल ओहरी मौजूद रहे। गौरतलब है कि वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित खरे के निर्देश पर शुक्रवार को10 बड़े नर्सिंग होम/अस्पतालों के बेसमेंट सील कर कर दिए गए थे। यहां पार्किंग के लिए बनाए गए बेसमेंट का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा था।
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