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चाव से गोद लिए चौराहे और फिर झांकने भी नहीं गए
Updated Fri, 01 Dec 2017 02:10 AM IST
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वाराणसी। शहर के 15 प्रमुख चौराहों को बीते साल पांच नवंबर को डीएम-एसएसपी सहित पुलिस-प्रशासन के 30 चौराहों ने गोद लिया। अधिकारियों का संकल्प था कि इन चिह्नित चौराहों से अतिक्रमण हटाया जाएगा। अवैध तरीके से ऑटो नहीं खड़े होने दिए जाएंगे। पार्किंग की व्यवस्था कराई जाएगी और इसके साथ ही चौराहों का सुंदरीकरण कराया जाएगा। मगर, एक साल से ज्यादा समय बीत गया पुलिस और प्रशासन के अधिकारी अपने ही गोद लिए चौराहों की ओर झांकने भी नहीं गए। वहीं, तबादले के बाद आए नए अधिकारियों में से तो कई को यह भी नहीं पता है कि उनके पद पर पूर्व में तैनात रहे अधिकारी ने कोई चौराहा भी गोद लिया था।
बीते साल चार नवंबर को डीएम योगेश्वर राम मिश्र और तत्कालीन एसएसपी नितिन तिवारी ने शहर के प्रमुख चौराहों को अतिक्रमण और जाम से मुक्त करने की कार्ययोजना तैयार की। इसके तहत पांडेयपुर चौराहा को डीएम-एसएसपी, गोदौलिया को एडीएम सिटी-एसपी सिटी, साजन तिराहा को एडीएम एफआर-एसपी ट्रैफिक, मछली सट्टी भोजूबीर को एडीएम सीएस-एसपी क्राइम, मालवीय चौराहा को एडीएम प्रोटोकॉल-एसपी प्रोटोकॉल, लहुराबीर को सीडीओ-सीओ चेतगंज, मैदागिन को सिटी मजिस्ट्रेट-सीओ कोतवाली, गोलगड्डा को एसडीएम राजातालाब-सीओ ट्रैफिक, चांदपुर चौराहा को एसडीएम सदर-सीओ सदर, बुलानाला को एसीएम द्वितीय-सीओ एलआईयू, गिरजाघर चौराहा को एसीएम तृतीय-सीओ दशाश्वमेध, रथयात्रा को एसीएम प्रथम-सीओ भेलूपुर, पुलिस लाइन को एडीएम प्रशासन-सीओ पिंडरा और पंचक्रोशी एसीएम चतुर्थ-सीओ कैंट ने गोद लिया था।
मगर, साल भर बाद भी इन चौराहों की स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं आया और आमजन रोजाना अतिक्रमण व जाम जैसी समस्याओं से जूझते हैं। चौराहों को गोद देते समय कहा गया था कि निजी संस्थाओं की मदद लेकर सुंदरीकरण और ट्रैफिक सिग्नल लाइट सिस्टम का काम किया जाए लेकिन इस संबंध में भी कोई ठोस नहीं पहल हुई। इस संबंध में जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने बताया कि पांडेयपुर चौराहा का अतिक्रमण हटाया गया था। नगर निकाय चुनाव संपन्न होने के बाद अधिकारियों से इस संबंध में बातचीत कर चौराहों के सुंदरीकरण का काम कराकर उन्हें अतिक्रमण से मुक्त कराया जाएगा।
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बीते साल चार नवंबर को डीएम योगेश्वर राम मिश्र और तत्कालीन एसएसपी नितिन तिवारी ने शहर के प्रमुख चौराहों को अतिक्रमण और जाम से मुक्त करने की कार्ययोजना तैयार की। इसके तहत पांडेयपुर चौराहा को डीएम-एसएसपी, गोदौलिया को एडीएम सिटी-एसपी सिटी, साजन तिराहा को एडीएम एफआर-एसपी ट्रैफिक, मछली सट्टी भोजूबीर को एडीएम सीएस-एसपी क्राइम, मालवीय चौराहा को एडीएम प्रोटोकॉल-एसपी प्रोटोकॉल, लहुराबीर को सीडीओ-सीओ चेतगंज, मैदागिन को सिटी मजिस्ट्रेट-सीओ कोतवाली, गोलगड्डा को एसडीएम राजातालाब-सीओ ट्रैफिक, चांदपुर चौराहा को एसडीएम सदर-सीओ सदर, बुलानाला को एसीएम द्वितीय-सीओ एलआईयू, गिरजाघर चौराहा को एसीएम तृतीय-सीओ दशाश्वमेध, रथयात्रा को एसीएम प्रथम-सीओ भेलूपुर, पुलिस लाइन को एडीएम प्रशासन-सीओ पिंडरा और पंचक्रोशी एसीएम चतुर्थ-सीओ कैंट ने गोद लिया था।
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मगर, साल भर बाद भी इन चौराहों की स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं आया और आमजन रोजाना अतिक्रमण व जाम जैसी समस्याओं से जूझते हैं। चौराहों को गोद देते समय कहा गया था कि निजी संस्थाओं की मदद लेकर सुंदरीकरण और ट्रैफिक सिग्नल लाइट सिस्टम का काम किया जाए लेकिन इस संबंध में भी कोई ठोस नहीं पहल हुई। इस संबंध में जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने बताया कि पांडेयपुर चौराहा का अतिक्रमण हटाया गया था। नगर निकाय चुनाव संपन्न होने के बाद अधिकारियों से इस संबंध में बातचीत कर चौराहों के सुंदरीकरण का काम कराकर उन्हें अतिक्रमण से मुक्त कराया जाएगा।
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