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उर्वरक प्रयोगशाला में बगैर कर्मचारी के हो रही जांच
Updated Wed, 27 Sep 2017 02:35 AM IST
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लोहता। प्रदेश स्तरीय उर्वरक एवं कीटनाशी प्रयोग शाला चांदपुर स्थित कृषि फार्म में बगैर कर्मचारियों के जांच कराई जा रही है। निजी लोगों को बुलाकर जांच कराने से इसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होने वाली आशंका है। प्रदेश के कई जिलों से खाद और रासायनिक दवाएं जब कृषि विभाग के अधिकारी पकड़ते है तो जांच के लिए इसी प्रयोगशाला में भेजा जाता है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर उर्वरक विक्रेताओं पर कार्रवाई की जाती है।
इस प्रयोगशाला में सरकार की ओर से नियुक्त आदमी ही जांच कर सकता है। जो रिपोर्ट तैयार होती है वह काफी गोपनीय होती है। सबसे बड़ा सवाल उठता है की जब निजी आदमी जांच करेंगे तो गोपनीयता पर सवाल खड़ा होगा। आशंका जताई जा रही है निजी लोग उर्वरक विक्रेताओं से मिलकर रिपोर्ट बदल सकते हैं। निजी आदमियों से जांच कराके करोड़ों रुपये के गोलमाल से इंकार नहीं किया जा सकता है। जब विभाग की ऐसा करेगा तो किसानों को असली खाद और बीज कहां से मिलेगा। विभागीय अधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। जब तक कोई नियुक्त नहीं होता है तो काम प्रभावित न हो इसके लिए निजी लोगों से कराया जा रहा है। इसकी मानीटरिंग विभागीय अधिकारी करते हैं।
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इस प्रयोगशाला में सरकार की ओर से नियुक्त आदमी ही जांच कर सकता है। जो रिपोर्ट तैयार होती है वह काफी गोपनीय होती है। सबसे बड़ा सवाल उठता है की जब निजी आदमी जांच करेंगे तो गोपनीयता पर सवाल खड़ा होगा। आशंका जताई जा रही है निजी लोग उर्वरक विक्रेताओं से मिलकर रिपोर्ट बदल सकते हैं। निजी आदमियों से जांच कराके करोड़ों रुपये के गोलमाल से इंकार नहीं किया जा सकता है। जब विभाग की ऐसा करेगा तो किसानों को असली खाद और बीज कहां से मिलेगा। विभागीय अधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। जब तक कोई नियुक्त नहीं होता है तो काम प्रभावित न हो इसके लिए निजी लोगों से कराया जा रहा है। इसकी मानीटरिंग विभागीय अधिकारी करते हैं।
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