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पाकिस्तान के नाम पर चुनाव लड़ रहे पीएम मोदी : मोहन
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वाराणसी। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव मोहन प्रकाश ने कहा कि प्रधानमंत्री कांग्रेस मुक्त भारत, सवाल मुक्त संसद, पत्नी मुक्त जीवन, प्रत्याशी मुक्त बनारस और दिमाग मुक्त भक्तों के भंवर में ही उलझे रहे। आज वह अपने कामों के नाम पर चुनाव लड़ने की स्थिति में नहीं हैं। वह पाकिस्तान के नाम पर और नेहरू, इंदिरा व राजीव गांधी पर अवांछित भाषा के इस्तेमाल के सहारे चुनाव लड़ रहे हैं। यह इन महान राष्ट्रनायकों को लगातार चुनने वाले उत्तर प्रदेश का अपमान है।
कांग्रेेस के चुनाव कार्यालय में उन्होंने कहा कि शाह और तानाशाह के खिलाफ भाजपा के लोग भी हैं। छह चरण के चुनावों से देश में सत्ता परिवर्तन का संदेश साफ हो चुका है। वर्तमान सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को जिस तरह से बर्बाद किया है, उस पृष्ठभूमि में नई सरकार की सबसे गंभीर चुनौती अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना ही होगा। बनारस से एम्स का हक छीन लिया गया। 17 किलोमीटर सड़क की ब्रांडिंग होती है और ध्वंसात्मक अभियान की चर्चा तक नहीं होती है। बाबा विश्वनाथ को मुक्त करने की बात कहने वाले प्रधानमंत्री ने स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं को बंधुआ मान लिया है। यहां के सभी काम के ठेके गुजरातियों को दे दिए गए। महादेव के दर्शन के नाम पर शुल्क लगा दिया गया। देश की जनता काशी की जनता से सवाल कर रही है कि कैसे वादा खिलाफ व्यक्ति को सर पर बैठा दिया है। यह ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं जो शपथग्रहण समारोह में पाकिस्तान के पीएम को बुलाते हैं और बिना बुलाए नवाज शरीफ की अम्मा से मिलने चले जाते हैं।
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कांग्रेेस के चुनाव कार्यालय में उन्होंने कहा कि शाह और तानाशाह के खिलाफ भाजपा के लोग भी हैं। छह चरण के चुनावों से देश में सत्ता परिवर्तन का संदेश साफ हो चुका है। वर्तमान सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को जिस तरह से बर्बाद किया है, उस पृष्ठभूमि में नई सरकार की सबसे गंभीर चुनौती अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना ही होगा। बनारस से एम्स का हक छीन लिया गया। 17 किलोमीटर सड़क की ब्रांडिंग होती है और ध्वंसात्मक अभियान की चर्चा तक नहीं होती है। बाबा विश्वनाथ को मुक्त करने की बात कहने वाले प्रधानमंत्री ने स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं को बंधुआ मान लिया है। यहां के सभी काम के ठेके गुजरातियों को दे दिए गए। महादेव के दर्शन के नाम पर शुल्क लगा दिया गया। देश की जनता काशी की जनता से सवाल कर रही है कि कैसे वादा खिलाफ व्यक्ति को सर पर बैठा दिया है। यह ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं जो शपथग्रहण समारोह में पाकिस्तान के पीएम को बुलाते हैं और बिना बुलाए नवाज शरीफ की अम्मा से मिलने चले जाते हैं।
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