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सपा के राजेंद्र एस का टिकट कटा-AZAMGARH
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मिर्जापुर। भाजपा-अपना दल (एस) की प्रत्याशी और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के सामने सपा ने पूर्व घोषित प्रत्याशी राजेंद्र एस बिंद की जगह मछलीशहर के भाजपा सांसद रामचरित्र निषाद को टिकट समीकरण साधने के लिए दिया है। स्थानीय नेताओं ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम से प्रत्याशी बदलने की मांग की थी। कहा था कि सीट बिंद की राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं है। पार्टी कार्यकर्ता उनसे जुड़ नहीं पा रहे हैं हैं, इसलिए सपा-बसपा गठबंधन लड़ाई में नहीं आ पाएगा।
हालांकि नए प्रत्याशी के आने से नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह तो बढ़ गया है लेकिन बिंद का टिकट कटने से गठबंधन को बिंद मतदाता खिसकने का डर भी सता रहा है। मिर्जापुर संसदीय क्षेत्र में बिंद वोटरों की संख्या करीब सवा लाख है। बिंद और निषाद मिलाकर करीब डेढ़ लाख वोटर हैं। मझवां विधानसभा में बिंद और निषाद वोटरों की संख्या सबसे ज्यादा है। इसी वजह से रमेश बिंद मझवां से लगातार तीन बार बसपा के टिकट पर विधायक चुने गए थे।
राजेंद्र एस बिंद का चुनाव प्रचार पिछले करीब बीस दिनों से मझवां विधानसभा में ही केंद्रित था। उनके साथ पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों के बिंद महासभा के लोग प्रचार में जुटे थे। इस बारे में राजेंद्र बिंद का कहना है कि उनका टिकट कटने से बिंद अवश्य नाराज होंगे। वह पार्टी से मांग करेंगे कि टिकट काटने के बाद उन्हें मिर्जापुर सीट का चुनाव प्रभारी बनाए जाए। इस तरह वह अपने लोगों को पार्टी के फैसले के बारे में समझाने का प्रयास करेंगे। बाकी जो शीर्ष नेतृत्व कहेगा, उसका पालन किया जाएगा। बिंद को लखनऊ बुलाया गया है। माना जा रहा है कि सोमवार देर रात उनकी नेतृत्व के साथ बैठक होगी।
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हालांकि नए प्रत्याशी के आने से नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह तो बढ़ गया है लेकिन बिंद का टिकट कटने से गठबंधन को बिंद मतदाता खिसकने का डर भी सता रहा है। मिर्जापुर संसदीय क्षेत्र में बिंद वोटरों की संख्या करीब सवा लाख है। बिंद और निषाद मिलाकर करीब डेढ़ लाख वोटर हैं। मझवां विधानसभा में बिंद और निषाद वोटरों की संख्या सबसे ज्यादा है। इसी वजह से रमेश बिंद मझवां से लगातार तीन बार बसपा के टिकट पर विधायक चुने गए थे।
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राजेंद्र एस बिंद का चुनाव प्रचार पिछले करीब बीस दिनों से मझवां विधानसभा में ही केंद्रित था। उनके साथ पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों के बिंद महासभा के लोग प्रचार में जुटे थे। इस बारे में राजेंद्र बिंद का कहना है कि उनका टिकट कटने से बिंद अवश्य नाराज होंगे। वह पार्टी से मांग करेंगे कि टिकट काटने के बाद उन्हें मिर्जापुर सीट का चुनाव प्रभारी बनाए जाए। इस तरह वह अपने लोगों को पार्टी के फैसले के बारे में समझाने का प्रयास करेंगे। बाकी जो शीर्ष नेतृत्व कहेगा, उसका पालन किया जाएगा। बिंद को लखनऊ बुलाया गया है। माना जा रहा है कि सोमवार देर रात उनकी नेतृत्व के साथ बैठक होगी।
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