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शादी के सातवें दिन सड़क हादसे में कार चालक की मौत
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रोहनिया। भदवर बाईपास पर बुधवार को सड़क किनारे गाटर लाद कर खड़े ट्रेलर में पीछे से कार लेकर अवनीश यादव उर्फ भोनू (24) जा घुसा। हादसे में भोनू की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने क्रेन बुलाकर किसी तरह से कार को बाहर निकाला और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया। होली के एक दिन पहले हुए हादसे में भोनू की मौत की सूचना परिजनों को मिली तो कोहराम मच गया। एक हफ्ते पहले 13 मार्च को ही भोनू का विवाह हुआ था और मंगलवार को उसकी पत्नी पूनम मायके गई थी।
मिल्कीचक निवासी ऑटो चालक लल्लू यादव के दो बेटों और एक बेटी में सबसे बड़ा भोनू ओला कंपनी में अपनी इंडिका कार चलाता था। सवारी लेकर भोनू रामनगर गया था और वापस घर लौट रहा था। इसी दौरान कार अनियंत्रित हुई या भोनू को झपकी आई और भदवर बाईपास पर वो सड़क किनारे खड़े ट्रेलर के पीछे कार लेकर जा घुसा। हादसे में भोनू की मौत की सूचना पाकर उसकी मां जड़ावती देवी और बहन सुमन अचेत हो गईं। वहीं, पिता लल्लू और भाई संदीप को ग्रामीण बड़ी ही मुश्किल से संभाले हुए थे।
भोनू के परिजनों ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि एक हफ्ते के भीतर ही उनकी खुशियों को ग्रहण लग जाएगा। परिजनों ने बताया कि भोनू का विवाह 13 मार्च को बड़ागांव क्षेत्र के काजीसराय की पूनम के साथ हुआ था। नई बहू के आने से पूरे परिवार में खुशी का माहौल था। उधर, भोनू की अचेत मां जड़ावती देवी को जब भी होश आ रहा था कि वो कह रहीं थी कि पतोहिया के कवन मुंह देखाइब हो बचवा... अबही त पतोहिया के हाथे के मेंहदी के रंग भी ना छूटल रहल... होली से पहिले भगवान हमहन के जिंदगी बदरंग कर देलन...। जड़ावती का बिलखना देख उन्हें ढांढस बंधा रही महिलाओं की हिम्मत भी जवाब दे जा रही थी।
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मिल्कीचक निवासी ऑटो चालक लल्लू यादव के दो बेटों और एक बेटी में सबसे बड़ा भोनू ओला कंपनी में अपनी इंडिका कार चलाता था। सवारी लेकर भोनू रामनगर गया था और वापस घर लौट रहा था। इसी दौरान कार अनियंत्रित हुई या भोनू को झपकी आई और भदवर बाईपास पर वो सड़क किनारे खड़े ट्रेलर के पीछे कार लेकर जा घुसा। हादसे में भोनू की मौत की सूचना पाकर उसकी मां जड़ावती देवी और बहन सुमन अचेत हो गईं। वहीं, पिता लल्लू और भाई संदीप को ग्रामीण बड़ी ही मुश्किल से संभाले हुए थे।
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भोनू के परिजनों ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि एक हफ्ते के भीतर ही उनकी खुशियों को ग्रहण लग जाएगा। परिजनों ने बताया कि भोनू का विवाह 13 मार्च को बड़ागांव क्षेत्र के काजीसराय की पूनम के साथ हुआ था। नई बहू के आने से पूरे परिवार में खुशी का माहौल था। उधर, भोनू की अचेत मां जड़ावती देवी को जब भी होश आ रहा था कि वो कह रहीं थी कि पतोहिया के कवन मुंह देखाइब हो बचवा... अबही त पतोहिया के हाथे के मेंहदी के रंग भी ना छूटल रहल... होली से पहिले भगवान हमहन के जिंदगी बदरंग कर देलन...। जड़ावती का बिलखना देख उन्हें ढांढस बंधा रही महिलाओं की हिम्मत भी जवाब दे जा रही थी।
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