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तीन घंटे तक घायल पड़े रहने की वजह से हुई थी मौत

Mon, 11 Feb 2019 01:50 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 11 Feb 2019 01:50 AM IST
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तीन घंटे तक घायल पड़े रहने की वजह से हुई थी मौत
वाराणसी। लंका थाना की रमना चौकी के समीप स्थित पुराने अर्धनिर्मित भवन में नौवीं कक्षा के छात्र सौरभ सिंह की हत्या के मामले में उसके दो दोस्तों सहित चार लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस की पूछताछ जारी है। रविवार को पुलिस को मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार सौरभ के सिर और गाल पर ईंट से अंधाधुंध वार किया गया। इसमें सौरभ का जबड़ा टूट गया और अत्यधिक रक्त स्त्राव की वजह से उसकी मौत हुई। रिपोर्ट के अनुसार सौरभ के शरीर पर शनिवार को 11 बजे के लगभग वार किया गया था और दो बजे के लगभग पुलिस को सूचना मिली। उपचार के दौरान ढाई बजे के लगभग बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में उसकी मौत हो गई।
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पुलिस के अनुसार तफ्तीश में यह सामने आया है कि वारदात की वजह सौरभ और उसके दोस्तों के बीच आशनाई का विवाद और वर्चस्व की लड़ाई के लिए मारपीट के साथ ही मनबढ़ई है। पुलिस का दावा है कि वारदात की गुत्थी लगभग सुलझ गई है और जल्द ही खुलासा कर आरोपियों को जेल भेजा जाएगा। रोहनिया थाना अंतर्गत माधोपुर निवासी संजय सिंह के दो बेटों में छोटा सौरभ नवनीता कुंवर स्कूल में कक्षा नौ में पढ़ता था। शनिवार की दोपहर डाफी बाईपास किनारे स्थित अर्धनिर्मित मकान में खून से लथपथ मिला था। प्रकरण को लेकर संजय की तहरीर पर स्कूल प्रबंधक प्रतीक राय, प्रधानाचार्य दिवाकर राय और दो किशोरों के खिलाफ लंका थाना में हत्या सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया। शनिवार की रात पोस्टमार्टम के बाद पुलिस की देखरेख में सौरभ का अंतिम संस्कार शूलटंकेश्वर घाट पर किया गया। रविवार को पुलिस ने घटनास्थल की ओर जाने वाले मार्गों पर लगे सीसी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही सौरभ और उसके दोस्तों को जानने वाले 12 से अधिक लोगों से पूछताछ की। इस संबंध में एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि वारदात से जुड़े तथ्य काफी हद तक स्पष्ट हो चुके हैं। जल्द ही इसका खुलासा होगा।
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लंका पुलिस को सौरभ के स्कूल प्रबंधन ने बताया कि उसकी डायरी में उसकी अनुपस्थिति का उल्लेख किया गया था। अनुपस्थिति रहने के कारण परीक्षा से वंचित कर दिया गया था और जुर्माना भी लगाया गया था। छात्र ने स्कूल को जो नंबर दिया था उस पर उसकी गैरहाजिरी की सूचना दी गई थी। वहीं, लंका थाने पहुंचे सौरभ के परिजनों ने आरोप लगाया कि तीन महीने की फीस बकाया होने के कारण 15 दिन पूर्व उसकी स्कूल के बाहर पिटाई की गई थी। दो दिन पहले स्कूल कॉल कर सौरभ के बारे में पूछा गया तो बताया गया कि वो रोजाना आता है।
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सौरभ की हत्या के बाद उसके घर के साथ ही और आसपास के घरों के चूल्हे दूसरे दिन भी नहीं जले। वहीं, उसकी मां रेनू और पिता संजय सिंह के साथ ही बड़े भाई गौरव की हालत बेसुधों जैसी है। परिजनों के साथ ही गांव के लोग भी यह जानना चाहते हैं कि आखिर सौरभ की हत्या क्यों और किस वजह से की गई।

पुलिस हिरासत में लिया गया वारदात में नामजद एक आरोपी किशोर को भी चोट आई है। पुलिस को उसने बताया कि उसके और सौरभ के बीच पहले भी कई बार मारपीट हो चुकी थी। शनिवार को सौरभ ने ही उसे बुलाया था। कहासुनी के दौरान सौरभ ने उसके सिर पर शराब की बोतल से वार किया तो उसने ईंट से वार कर दिया। सौरभ गिर पड़ा तो वो उस पर वार करता रहा और फिर मौके से भाग निकला। वहीं, सौरभ को जानने वाले अन्य छात्रों से पुलिस ने बातचीत की तो पता लगा कि वो मनबढ़ किस्म का था।
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