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सर सुंदरलाल अस्पताल में नई एजेंसी करेगी काम
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वाराणसी। बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल समेत मंडलीय और निजी अस्पतालों में मेडिकल वेस्ट के निस्तारण करने में लापरवाही सामने आने के बाद व्यवस्था में बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। एनजीटी की पूर्वी उत्तर प्रदेश की टीम की ओर से गड़बड़िया सामने लाए जाने और चेतावनी के बाद बीएचयू में आउटसोर्सिंग एजेंसी को हटाकर नई एजेंसी को लाए जाने की बात कही जा रही है तो मंडलीय अस्पताल में कूड़ा डंपिंग घर का जीर्णोद्धार कराने के साथ ही कर्मचारियों को सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
एनजीटी टीम के चेयरमैन और हाईकोर्ट के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति देवी प्रसाद सिंह ने तीन दिन तक जिले के अस्पतालों, अस्सी घाट, करसड़ा कूड़ा निस्तारण संयंत्र का निरीक्षण कर मेडिकल वेस्ट, बायो वेस्ट और कचरा निस्तारण की व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। इस दौरान बीएचयू अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में कूड़ा डंपिंग स्थल पर मेडिकल वेस्ट में मानव अंग तक फेंके गए थे।
ट्रॉमा सेंटर में मेडिकल वेस्ट कलेक्शन और निस्तारण में लापरवाही पर एनजीटी की रिपोर्ट के बाद मॉनीटरिंग के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। कमेटी के इंचार्ज प्रो. संजीव गुप्ता ने बताया कि कमेटी में मेडिकल ऑफिसर, नर्सिंग सुपरिटेंडेंट, सेनेटरी सुपरवाइजर और रेजीडेंट शामिल हैं। इसी टीम पर मेडिकल बायो वेस्ट निस्तारण की मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी है। बताया कि लापरवाही बरतने पर संबंधित एजेंसी को नोटिस दिया जा चुका है।
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उधर, गुुरुवार को मंडलीय अस्पताल परिसर में टीबी केंद्र के बगल में बने कूंड़ा डंपिंग घर की साफ-सफाई कराई गई। कर्मचारियों को वार्डों में बायो वेस्ट के लिए रखी बाल्टियों में ही वेस्ट रखने का निर्देश दिया गया। जिला महिला अस्पताल दवा काउंटर के सामने कूड़ा फेंकने वाले स्थान की भी सफाई हो गई। पहले यहीं दवाओं के पैकेट, प्लास्टिक, कूड़ा-कचरा फेंका जा रहा था।
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एनजीटी टीम के चेयरमैन और हाईकोर्ट के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति देवी प्रसाद सिंह ने तीन दिन तक जिले के अस्पतालों, अस्सी घाट, करसड़ा कूड़ा निस्तारण संयंत्र का निरीक्षण कर मेडिकल वेस्ट, बायो वेस्ट और कचरा निस्तारण की व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। इस दौरान बीएचयू अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में कूड़ा डंपिंग स्थल पर मेडिकल वेस्ट में मानव अंग तक फेंके गए थे।
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ट्रॉमा सेंटर में मेडिकल वेस्ट कलेक्शन और निस्तारण में लापरवाही पर एनजीटी की रिपोर्ट के बाद मॉनीटरिंग के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। कमेटी के इंचार्ज प्रो. संजीव गुप्ता ने बताया कि कमेटी में मेडिकल ऑफिसर, नर्सिंग सुपरिटेंडेंट, सेनेटरी सुपरवाइजर और रेजीडेंट शामिल हैं। इसी टीम पर मेडिकल बायो वेस्ट निस्तारण की मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी है। बताया कि लापरवाही बरतने पर संबंधित एजेंसी को नोटिस दिया जा चुका है।
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उधर, गुुरुवार को मंडलीय अस्पताल परिसर में टीबी केंद्र के बगल में बने कूंड़ा डंपिंग घर की साफ-सफाई कराई गई। कर्मचारियों को वार्डों में बायो वेस्ट के लिए रखी बाल्टियों में ही वेस्ट रखने का निर्देश दिया गया। जिला महिला अस्पताल दवा काउंटर के सामने कूड़ा फेंकने वाले स्थान की भी सफाई हो गई। पहले यहीं दवाओं के पैकेट, प्लास्टिक, कूड़ा-कचरा फेंका जा रहा था।