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वाराणसी में अस्पताल की दहलीज पर कराहती रही महिला, डॉक्टरों ने किया इलाज से इंकार
Fri, 01 Feb 2019 02:06 AM IST
Sayali Maurya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: Sayali Maurya
Updated Fri, 01 Feb 2019 02:06 AM IST
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उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक बार फिर मानवता तार-तार हुई है। अस्पताल की दहलीज पर बहता रहा गर्भवती महिला का खून लेकिन किसी ने इलाज तो दूर, उसकी ओर ध्यान भी नहीं दिया। जिसे लेकर ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया।
जिले में रामनगर के लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में इलाज में लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां गुरुवार को एक गर्भवती महिला दर्द से कराहती रही, उसको ब्लीडिंग होती रही लेकिन किसी का भी ध्यान इस ओर नहीं गया।
टेंगरा मोड़ पर रहने वाले हृदय लाल अपनी गर्भवती पत्नी संगीता देवी को गुरुवार दोपहर में लेकर अस्पताल पहुंचे। घर पर तेज दर्द और ब्लीडिंग होने के बाद जब अस्पताल पहुंचे तो यहां चिकित्सकों ने भर्ती करने से इंकार कर दिया।
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उनका कहना था कि महिला ने न तो कहीं पंजीकरण कराया है और न ही टीकाकरण। चिकित्सकों के मुताबिक महिला को छठा बच्चा होने वाला है। चिकित्सकों ने उसे दूसरे अस्पताल में रेफर करने की बात कहकर छोड़ दिया।
इसके बाद महिला अस्पताल परिसर में ही तड़पती रही लेकिन किसी ने भर्ती कराना उचित नहीं समझा। इस पर परिजन नाराज हो गए और हंगामा करने लगे। सीएमएस डॉ. कमल कुमार से इसकी शिकायत की जिसके बाद उन्होंने महिला का उपचार कराया और एंबुलेंस से कबीरचौरा महिला अस्पताल भिजवाया।
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जिले में रामनगर के लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में इलाज में लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां गुरुवार को एक गर्भवती महिला दर्द से कराहती रही, उसको ब्लीडिंग होती रही लेकिन किसी का भी ध्यान इस ओर नहीं गया।
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टेंगरा मोड़ पर रहने वाले हृदय लाल अपनी गर्भवती पत्नी संगीता देवी को गुरुवार दोपहर में लेकर अस्पताल पहुंचे। घर पर तेज दर्द और ब्लीडिंग होने के बाद जब अस्पताल पहुंचे तो यहां चिकित्सकों ने भर्ती करने से इंकार कर दिया।
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उनका कहना था कि महिला ने न तो कहीं पंजीकरण कराया है और न ही टीकाकरण। चिकित्सकों के मुताबिक महिला को छठा बच्चा होने वाला है। चिकित्सकों ने उसे दूसरे अस्पताल में रेफर करने की बात कहकर छोड़ दिया।
इसके बाद महिला अस्पताल परिसर में ही तड़पती रही लेकिन किसी ने भर्ती कराना उचित नहीं समझा। इस पर परिजन नाराज हो गए और हंगामा करने लगे। सीएमएस डॉ. कमल कुमार से इसकी शिकायत की जिसके बाद उन्होंने महिला का उपचार कराया और एंबुलेंस से कबीरचौरा महिला अस्पताल भिजवाया।