फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   हर जुबां पर है सास-बहू के साहस की कहानी

हर जुबां पर है सास-बहू के साहस की कहानी

Tue, 15 Jan 2019 02:02 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 15 Jan 2019 02:02 AM IST
विज्ञापन
हर जुबां पर है सास-बहू के साहस की कहानी
ज्ञानपुर (भदोही)/ वाराणसी। लखनो गांव में शनिवार सुबह आग का गोला बनी स्कूल वैन से 19 बच्चों को निकालने वाली सास सीता शुक्ला और बहू सुमन की बहादुरी इन दिनों हर किसी की जुबान पर है। संकट की घड़ी में सास-बहू के साहस की कहानी को लोग लखनो से लेकर वाराणसी तक अपने-अपने ढंग से सुना रहे हैं। वैन में सवार बच्चों के परिजन सीता और उनकी बहू को भगवान मान रहे हैं। कहते हैं- अगर इन दोनों ने आग नहीं बुझाई होती तो शायद एक भी बच्चा नहीं बचता।
विज्ञापन

बच्चों की जान बचाने के लिए अपनी जान की बाजी लगाने में झुलसने के बाद बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर के जनरल सर्जरी वार्ड में भर्ती 55 साल की सीता शुक्ला घटना को भूल नहीं पा रही हैं। घटना की जानकारी देने के दौरान कई बार उनकी आंखें भर आईं। ड्राइवर की लापरवाही को कोसते हुए बताया, सुबह वैन आने वाली थी। तभी नाती ने बुखार के कारण स्कूल न जाने की बात कही। मैंने भी मना कर दिया था लेकिन घर वाले बोले कि घर रहने पर बच्चे बदमाशी करेंगे। इससे अच्छा है कि स्कूल जाकर पढ़ाई कर लेंगे। इसी दौरान वैन घर के सामने आकर रुक गई। वैन में बच्चे पहले से बैठे थे। नाती भी उनके साथ बैठ गया।
विज्ञापन

बच्चे को बिठाकर मुड़ते देखा कि वैन के पिछले दरवाजे के पास से तेल गिर रहा था। जानकारी ड्राइवर को दी तो वह वैन से उतरा। जैसे ही उसने डिकी उठाया। बस फिर क्या था। देखते-देखते वैन में आग लग गई। बच्चे डर गए और चिल्लाने लगे। बच्चों की चीख-पुकार देखी नहीं गई। न जाने कहां से ताकत आ गई और आग बुझाने लगी। ये भी नहीं सोचा कि वैन में सिलिंडर लगा है और इसके फटने पर उनके भी चिथड़े उड़ जाएंगे। चीखने-चिल्लाने के कारण आसपास के लोग भी दौड़ पड़े। तब तक कुछ हद तक उन्हें आग बुझाने में सफलता मिल चुकी थी। घटना में दोनों हाथ, पैर झुलसने के बाद भी सीता बच्चों की जान बचाने के बाद अपने को सौभाग्यशाली मान रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

सीता के पति जयशंकर शुक्ला बताते हैं कि वैन में आग लगने के बाद उनकी पत्नी सीता देवी उधर दौड़ पड़ीं। तभी उनकी देवरानी की बहू सुमन भी यह कहते हुए दौड़ पड़ी कि ‘अरे अम्मा! हऊ देखीं गड़िया में आग लग गइल। बच्चवन जर जइहें...।’ वैन का गेट नहीं खुल रहा था। सुमन ने ईंट से वैन का दरवाजा तोड़ दिया। बच्चों को निकालने लगीं। मामूली रूप से झुलसी सुमन बताती हैं-लपटें इतनी विकराल थीं कि नजदीक जाने की हिम्मत नहीं हो रही थी। फिर हम दोनों ने हाथ में शॉल लपेटी और एक-एक कर बच्चों को निकालना शुरू किया। बताया, उस समय बच्चों को बचाने के अलावा और कुछ सूझ ही नहीं रहा था।
हरिरामपुर की राधा ने भी बचाए थे पांच बच्चे
ज्ञानपुर। लखनो स्कूल वैन हादसे में सीता और सुमन की बहादुरी ने 15 अप्रैल, 2016 में डीघ ब्लॉक क्षेत्र के हरिरामपुर गांव में गंगा में डूब रहे सात में से पांच बच्चों को बचाने की घटना की यादें ताजा कर दीं। गंगा में डूब रहे पांच बच्चों को गांव के मोकादम उपाध्याय की पुत्री राधा (19) ने घाट पर बच्चों को डूबते देख गंगा में छलांग लगा दी और नेहा, करिश्मा, बिटनी, ओमप्रकाश और रंजीत को निकाल लिया था।
परिवहन विभाग की ढिलाई से हुई घटना: शतरूद्र
सपा एमएलसी शतरूद्र प्रकाश ने 12 जनवरी को भदोही में स्कूल वैन में रसोई गैस लीक होने से लगी आग की घटना का कारण परिवहन विभाग की लापरवाही बताया है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी घटना के बाद परिवहन मंत्री और उनकी ओर से कोई अधिकारी न तो मौके पर पहुंचा और न ही अस्पताल जाने की जरूरत समझी।

विधान परिषद सदस्य ने मांग की कि भदोही आरटीओ सहित समस्त प्रवर्तन अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। मारुति वैन यूपी 66 एस 4569 निजी वाहन के रूप में पंजीकृत होने के बावजूद दो वर्षों से स्कूल वैन के रूप में गलत तरीके से कैसे चल रही थी। वह भी नियमों के विपरीत घरेलू गैस किट लगाकर। बताया. दो साल पहले भी 25 जुलाई, 2016 को भी भदोही घोसिया में 13 बच्चे अनाधिकृत स्कूल वाहन से घायल हो गए थे। आठ बच्चों की मौके पर मौत हो गई थी। शतरुद्र प्रकाश ने सभी घायल बच्चों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की भी मांग की। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed