{"_id":"5bf47091bdec2265a1062dd0","slug":"121542746257-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जमीन के हर हिस्से का रिकार्ड होगा ऑनलाइन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जमीन के हर हिस्से का रिकार्ड होगा ऑनलाइन
Updated Wed, 21 Nov 2018 02:07 AM IST
विज्ञापन
वाराणसी। जमीन खरीदने से पहले एक क्लिक पर उसकी जांच की जा सकेगी। जमीन किसने खरीदी और कितनी बार बिकी, यह सब ऑनलाइन होगा। इसके लिए वर्ष 2000 से 2018 तक की जमीन खरीद बिक्री के रिकार्ड को ऑनलाइन किया जा रहा है। इसके अलावा गांवों का पूरा नक्शा भी ऑनलाइन करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। हालांकि जिले के गांवों के 300 नक्शे प्रशासन को नहीं मिल रहे हैं। उसकी पड़ताल की जा रही है।
राष्ट्रीय भू अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम (एनआरएलएमपी) के तहत जमीनों के रिकार्ड का डिजिटाइजेशन किया जा रहा है। इसके तहत ऑनलाइन रजिस्ट्री को भी जोड़ा गया है। पहले चरण में 18 साल की रजिस्ट्री को ऑनलाइन किया जा रहा है। जमीनों की बिक्री होने के बाद राजस्व रिकार्ड में बदलाव किया जाएगा। प्रदेश सरकार की ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कमेटी इसकी मॉनिटरिंग कर रही है। इसके अलावा शहरी क्षेत्र में वार्ड और गांवों का नक्शा भी ऑनलाइन किया जा रहा है। इसमें जमीन, मकान, पार्क सहित अन्य जगहों की डिटेल भी रजिस्ट्री से पहले ऑनलाइन चेक किया जा सकेगा। प्रशासनिक अधिकारियों की मानें तो जमीनों का रिकार्ड ऑनलाइन होने के बाद दाखिल खारिज बैनामा के वक्त ही कर दिया जाएगा। बैनामे के वक्त खसरा खतौनी में नाम अपडेट किया जाएगा।
वर्जन--
जमीनों को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया जारी है। ग्रामीण क्षेत्र के 300 नक्शे नहीं मिलने की वजह से थोड़ी दिक्कत है। मगर, इनकी खोज की जा रही है। जल्द ही जमीनों का डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया पूरी होगी।
विज्ञापन
-कृपा शंकर पांडेय, मुख्य राजस्व अधिकारी
विज्ञापन
राष्ट्रीय भू अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम (एनआरएलएमपी) के तहत जमीनों के रिकार्ड का डिजिटाइजेशन किया जा रहा है। इसके तहत ऑनलाइन रजिस्ट्री को भी जोड़ा गया है। पहले चरण में 18 साल की रजिस्ट्री को ऑनलाइन किया जा रहा है। जमीनों की बिक्री होने के बाद राजस्व रिकार्ड में बदलाव किया जाएगा। प्रदेश सरकार की ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कमेटी इसकी मॉनिटरिंग कर रही है। इसके अलावा शहरी क्षेत्र में वार्ड और गांवों का नक्शा भी ऑनलाइन किया जा रहा है। इसमें जमीन, मकान, पार्क सहित अन्य जगहों की डिटेल भी रजिस्ट्री से पहले ऑनलाइन चेक किया जा सकेगा। प्रशासनिक अधिकारियों की मानें तो जमीनों का रिकार्ड ऑनलाइन होने के बाद दाखिल खारिज बैनामा के वक्त ही कर दिया जाएगा। बैनामे के वक्त खसरा खतौनी में नाम अपडेट किया जाएगा।
विज्ञापन
वर्जन--
जमीनों को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया जारी है। ग्रामीण क्षेत्र के 300 नक्शे नहीं मिलने की वजह से थोड़ी दिक्कत है। मगर, इनकी खोज की जा रही है। जल्द ही जमीनों का डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया पूरी होगी।
विज्ञापन
-कृपा शंकर पांडेय, मुख्य राजस्व अधिकारी