{"_id":"5b1ee4354f1c1b6d4d8b5ec1","slug":"121528751157-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"30 साल पुराने र्साईबेरियन हवासील की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
30 साल पुराने र्साईबेरियन हवासील की मौत
Updated Tue, 12 Jun 2018 02:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सारनाथ। पक्षी विहार केंद्र में साइबेरियन पक्षी की सोमवार की सुबह मौत हो गयी। जिसका वन विभाग के अधिकारी ने पोस्टमार्टम कराकर उसे दफना दिया।
सारनाथ के डियर पार्क में सोमवार को सुबह पंछियो के केज में अति दुर्लभ प्रजाति का साइबेरियन पंछी हवासील मृत अवस्था में पड़ा मिला। जब वनकर्मी रामधनी ने देखा तो इसकी सूचना रेंजर सारनाथ एनपी सिंह को दी। मौके पर पहुंचे अधिकारियों के आदेश पर चिरईगांव के पशुचिकित्सा अधिकारी ने पोस्टमार्टम किया। इसके बाद डियर पार्क में उसे दफनाया दिया गया। सारनाथ पक्षी केंद्र में अति दुर्लभ प्रजाति के काकाटिल, सारस, निलसर, सफेद बुज्जा, गोल्डन फिजेंट सहित दर्जनों की संख्या में पंछी है। सारनाथ के रेंजर एनपी सिंह ने बताया कि यह साइबेरियन प्रजाति का पक्षी था, जो मूलत: साइबेरिया के तलहटी में पाया जाता है। यहां दो की संख्या में थे। मृत हवासील नर था जिसकी उम्र लगभग 30 साल थी। अब एक मादा हवासील बची है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
विज्ञापन
सारनाथ के डियर पार्क में सोमवार को सुबह पंछियो के केज में अति दुर्लभ प्रजाति का साइबेरियन पंछी हवासील मृत अवस्था में पड़ा मिला। जब वनकर्मी रामधनी ने देखा तो इसकी सूचना रेंजर सारनाथ एनपी सिंह को दी। मौके पर पहुंचे अधिकारियों के आदेश पर चिरईगांव के पशुचिकित्सा अधिकारी ने पोस्टमार्टम किया। इसके बाद डियर पार्क में उसे दफनाया दिया गया। सारनाथ पक्षी केंद्र में अति दुर्लभ प्रजाति के काकाटिल, सारस, निलसर, सफेद बुज्जा, गोल्डन फिजेंट सहित दर्जनों की संख्या में पंछी है। सारनाथ के रेंजर एनपी सिंह ने बताया कि यह साइबेरियन प्रजाति का पक्षी था, जो मूलत: साइबेरिया के तलहटी में पाया जाता है। यहां दो की संख्या में थे। मृत हवासील नर था जिसकी उम्र लगभग 30 साल थी। अब एक मादा हवासील बची है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।