सारनाथ में ‘प्रो-पुअर टूरिज्म’ को बढ़ावा देने को 12 सदस्यीय टीम तलाशेगी संभावनाएं, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
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प्रदेश में ‘प्रो-पुअर टूरिज्म’ को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने 12 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। यह टीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र के वाराणसी के सारनाथ और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद से सटे कुशीनगर की कार्ययोजना बनाएगी। केंद्र सरकार की पहल पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस परियोजना को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। सरकार की इस योजना से गरीबों के उत्थान के साथ ही वहां के पयर्टन को बढ़ावा मिलेगा।
सारनाथ में बने मंदिरों व पुरातात्विक महत्व के स्थलों को 110 करोड़ से सजाया व संवारा जाएगा। इसके लिए संस्कृति विभाग ने विकास का खाका तैयार किया है। सारनाथ के 30 मंदिरों को आकर्षक बनाने के साथ ही वहां की बिजली, पोल, साइन बोर्ड से लेकर बिजली व्यवस्था को चमकाया जाएगा। पूरा सारनाथ हेरिटेज व दुधिया लाइट से दमकेगा। वीडीए की पहल पर संस्कृति विभाग पूरा प्लान तैयार कर रहा है।
वाराणसी विकास प्राधिकरण के वीसी राहुल पांडेय ने बताया कि विश्व बैंक की इस योजना को स्पेशल परपज कंसलटेंट यूनिट के जरिए आगे बढ़ाया जाएगा। सारनाथ में चयनित कार्यों को डिजाइन-बिल्ड-कांट्रैक्ट मोड पर कराये जाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए मुख्य परियोजना महानिदेशक एनजी रवि कुमार ने पत्र भेजा है। जो ध्यान केंद्र बनेगा वह हरिद्वार के शांति कुंज की तर्ज पर बनेगा।
कमेटी के ये हैं सदस्य
वीडीए वीसी, एसपीसीयू के परियोजना निदेशक, अपर मुख्य परियोजना निदेशक, सिविल इंजीनियर, फाइनेंसियल मैनेजमेंट, इनवायरमेंट स्पेशलिस्ट, सोशल डेवलपमेंट स्पेशलिस्ट व टास्क टीम लीडर, पयर्टन निदेशालय के वित्त नियंत्रक, वीडीए के मुख्य अभियंता व प्राक्योरेटमेंट स्पेशलिस्ट।