{"_id":"5c59ec76bdec220c1b13f97f","slug":"11549397110-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नजूल की जमीन पर हो कचहरी परिसर का विस्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नजूल की जमीन पर हो कचहरी परिसर का विस्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। बनारस क्लब के कब्जे वाली नजूल की जमीन खाली कराने के विधान परिषद की कमेटी के निर्देश के बाद अधिवक्ताओं ने दीवानी कचहरी परिसर के विस्तार की मांग की है। अधिवक्ताओं ने मंगलवार को डीएम पोर्टिको में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी से मांग की कि सरकारी जमीन का उपयोग प्राइवेट क्लब के लोग न करें, उसे जनोपयोगी बनाया जाए। बनारस बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय के प्रस्ताव पर बुधवार को सेंट्रल बार अध्यक्ष शिवपूजन सिंह गौतम ने सेंट्रल और बनारस बार की संयुक्त बैठक बुलाई है।
सेंट्रल बार अध्यक्ष को सौंपे गए प्रस्ताव में मांग की गई कि नजूल की जमीन से क्लब का अवैध कब्जा हटा कर वहां दीवानी कचहरी परिसर का विस्तार किया जाए। विश्वस्तरीय पुस्तकालय बनाया जाए। अवैध कब्जे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाए और क्लब में व्यावसायिक गतिविधियों से अर्जित किए गए धन की वसूली की जाए। इसके अलावा इस संबंध में प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र भेजने के साथ ही क्लब के गेट पर धरना देने का प्रस्ताव पारित करने की मांग की गई है।
इससे पहले अधिवक्ता हाथों में तख्तियां लेकर जुलूस निकाल कर डीएम पोर्टिको पहुंचे। नारेबाजी करते हुए अधिवक्ताओं ने मांग की कि सरकारी जमीन से क्लब का अवैध कब्जा हर हाल में हटाया जाए। प्रदर्शन में सेंट्रल बार अध्यक्ष शिवपूजन सिंह गौतम, बनारस बार अध्यक्ष राजेश कुमार मिश्र, महामंत्री बृजेश मिश्र, अशोक सिंह प्रिंस, नित्यानंद राय, गुलाब दास, राजीव सिंह, आशीष सिंह, नृपेंद्र सिंह, इकबाल हसन, विनोद सिंह, शैलेंद्र बबलू, पंकज प्रकाश पांडेय, अजीत ओझा, प्रवीण मिश्र, संतोष मिश्र और धर्म पांडेय प्रमुख रूप से शामिल रहे।
विज्ञापन
जमीन का मालिकाना हक काशी राजपरिवार के पास
दीवानी कचहरी के समीप जिस जगह बनारस क्लब संचालित हो रहा है, दस्तावेजों में उसका मालिकाना हक काशी राजपरिवार के पास है। यह दावा सदर तहसील के सूत्रों का है। जानकारों का कहना है कि इसी वजह से क्लब का नक्शा वीडीए की ओर से निरस्त कर दिया गया। अब फिर से खतौनी मांगी जा रही है। क्लब के कब्जे वाली नजूल की 1.33 एकड़ जमीन के मसले की सुनवाई विधान परिषद की समिति कर रही है। समिति का निर्देश है कि जिला प्रशासन नजूल की जमीन वापस अपने कब्जे में ले और क्लब परिसर में हुए अवैध निर्माण को वीडीए ध्वस्त कराए। इस संबंध में वीडीए उपाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि क्लब की ओर से खतौनी प्रस्तुत किए जाने पर स्थिति स्पष्ट होगी। इसके बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, एसडीएम सदर संजीव कुमार ने कहा कि अब तक हमें कोई निर्देश नहीं मिला है। निर्देशों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
सेंट्रल बार अध्यक्ष को सौंपे गए प्रस्ताव में मांग की गई कि नजूल की जमीन से क्लब का अवैध कब्जा हटा कर वहां दीवानी कचहरी परिसर का विस्तार किया जाए। विश्वस्तरीय पुस्तकालय बनाया जाए। अवैध कब्जे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाए और क्लब में व्यावसायिक गतिविधियों से अर्जित किए गए धन की वसूली की जाए। इसके अलावा इस संबंध में प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र भेजने के साथ ही क्लब के गेट पर धरना देने का प्रस्ताव पारित करने की मांग की गई है।
विज्ञापन
इससे पहले अधिवक्ता हाथों में तख्तियां लेकर जुलूस निकाल कर डीएम पोर्टिको पहुंचे। नारेबाजी करते हुए अधिवक्ताओं ने मांग की कि सरकारी जमीन से क्लब का अवैध कब्जा हर हाल में हटाया जाए। प्रदर्शन में सेंट्रल बार अध्यक्ष शिवपूजन सिंह गौतम, बनारस बार अध्यक्ष राजेश कुमार मिश्र, महामंत्री बृजेश मिश्र, अशोक सिंह प्रिंस, नित्यानंद राय, गुलाब दास, राजीव सिंह, आशीष सिंह, नृपेंद्र सिंह, इकबाल हसन, विनोद सिंह, शैलेंद्र बबलू, पंकज प्रकाश पांडेय, अजीत ओझा, प्रवीण मिश्र, संतोष मिश्र और धर्म पांडेय प्रमुख रूप से शामिल रहे।
विज्ञापन
जमीन का मालिकाना हक काशी राजपरिवार के पास
दीवानी कचहरी के समीप जिस जगह बनारस क्लब संचालित हो रहा है, दस्तावेजों में उसका मालिकाना हक काशी राजपरिवार के पास है। यह दावा सदर तहसील के सूत्रों का है। जानकारों का कहना है कि इसी वजह से क्लब का नक्शा वीडीए की ओर से निरस्त कर दिया गया। अब फिर से खतौनी मांगी जा रही है। क्लब के कब्जे वाली नजूल की 1.33 एकड़ जमीन के मसले की सुनवाई विधान परिषद की समिति कर रही है। समिति का निर्देश है कि जिला प्रशासन नजूल की जमीन वापस अपने कब्जे में ले और क्लब परिसर में हुए अवैध निर्माण को वीडीए ध्वस्त कराए। इस संबंध में वीडीए उपाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि क्लब की ओर से खतौनी प्रस्तुत किए जाने पर स्थिति स्पष्ट होगी। इसके बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, एसडीएम सदर संजीव कुमार ने कहा कि अब तक हमें कोई निर्देश नहीं मिला है। निर्देशों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।