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एनजीटी के निरीक्षण में अस्पताल ही ‘बीमार’
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वाराणसी। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निरीक्षण में शहर के अस्पताल ही बीमार मिले। बीएचयू सर सुंदरलाल अस्पताल, ट्रामा सेंटर, मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा और हेरिटेज अस्पताल में गंदगी के साथ कई खामियां मिलीं। इस पर टीम ने नाराजगी जताई और मेडिकल वेस्ट के सही निस्तारण के निर्देश दिए।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से गठित यूपी एनजीटी मानीटरिंग कमेटी के चेयरमैन और हाईकोर्ट के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति देवी प्रसाद सिंह के नेतृत्व में टीम सोमवार को बीएचयू अस्पताल और ट्रामा सेंटर पहुंची। अस्पताल से निकलने वाले मेडिकल वेस्ट, इसके निस्तारण, सीवेज सिस्टम और साफ-सफाई आदि के बारे में जानकारी ली। मेडिकल वेस्ट खुले में पड़ा देख टीम ने नाराजगी जताई।
इसके बाद टीम हेरिटेज अस्पताल और मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा पहुंची और साफ सफाई के साथ मेडिकल वेस्ट निस्तारण सही तरीके से करने के निर्देश दिए। मंडलीय अस्पताल में टीबी क्लीनिक के पास खुले में मेडिकल वेस्ट फेंका गया था। इमरजेंसी वार्ड में भी गंदगी मिली। टीम के सदस्यों ने अस्सी नदी का भी निरीक्षण किया। यहां गिर रहे सीवर के पानी को देखा।
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चेयरमैन देवी प्रसाद सिंह ने बताया कि अस्पतालों और अस्सी घाट पर कचरे का सही निस्तारण न होना और गंदगी सहित कई खामियां मिली हैं। इसकी रिपोर्ट केंद्र को भेजी जाएगी। तीस जनवरी को लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस कर निरीक्षण के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। यूपी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट मॉनिटरिंग कमेटी के सेक्रेटरी अवकाश प्राप्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजेंद्र सिंह ने बताया कि कूड़ा प्रबंधन का हाल बदतर है। चारों अस्पतालों में कूड़ा खुले में रखा गया था जो कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों के विरुद्ध है।
विकास के साथ बढ़ा प्रदूषण
मॉनिटरिंग कमेटी के चेयरमैन देवी प्रसाद सिंह ने बताया कि विकास के साथ ही शहर में प्रदूषण का स्तर भी बढ़ रहा है। इसकी मुख्य वजह कचरे का सही निस्तारण नहीं होना और शहर में बहने वाली नदियों को दूषित करना है।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से गठित यूपी एनजीटी मानीटरिंग कमेटी के चेयरमैन और हाईकोर्ट के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति देवी प्रसाद सिंह के नेतृत्व में टीम सोमवार को बीएचयू अस्पताल और ट्रामा सेंटर पहुंची। अस्पताल से निकलने वाले मेडिकल वेस्ट, इसके निस्तारण, सीवेज सिस्टम और साफ-सफाई आदि के बारे में जानकारी ली। मेडिकल वेस्ट खुले में पड़ा देख टीम ने नाराजगी जताई।
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इसके बाद टीम हेरिटेज अस्पताल और मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा पहुंची और साफ सफाई के साथ मेडिकल वेस्ट निस्तारण सही तरीके से करने के निर्देश दिए। मंडलीय अस्पताल में टीबी क्लीनिक के पास खुले में मेडिकल वेस्ट फेंका गया था। इमरजेंसी वार्ड में भी गंदगी मिली। टीम के सदस्यों ने अस्सी नदी का भी निरीक्षण किया। यहां गिर रहे सीवर के पानी को देखा।
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चेयरमैन देवी प्रसाद सिंह ने बताया कि अस्पतालों और अस्सी घाट पर कचरे का सही निस्तारण न होना और गंदगी सहित कई खामियां मिली हैं। इसकी रिपोर्ट केंद्र को भेजी जाएगी। तीस जनवरी को लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस कर निरीक्षण के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। यूपी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट मॉनिटरिंग कमेटी के सेक्रेटरी अवकाश प्राप्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजेंद्र सिंह ने बताया कि कूड़ा प्रबंधन का हाल बदतर है। चारों अस्पतालों में कूड़ा खुले में रखा गया था जो कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों के विरुद्ध है।
विकास के साथ बढ़ा प्रदूषण
मॉनिटरिंग कमेटी के चेयरमैन देवी प्रसाद सिंह ने बताया कि विकास के साथ ही शहर में प्रदूषण का स्तर भी बढ़ रहा है। इसकी मुख्य वजह कचरे का सही निस्तारण नहीं होना और शहर में बहने वाली नदियों को दूषित करना है।