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कबीर को करीब से जानेंगे हरजानी
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वाराणसी। प्रवासी भारतीय सम्मेलन में काशी को जानने की आकांक्षा भी है। हांगकांग के बिजनेसमैन हरजानी दयाल नरायनदास भी सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। काशी प्रवास के दौरान वह लक्सा रामाकुंड स्थित पुरुषोत्तम कुमार के घर ठहरेंगे। हरजानी कबीरपंथी हैं, लिहाजा उनमें कबीर को करीब से जानने की इच्छा भी है। मेजबान भी इसके लिए तैयार हैं और वह उन्हें कबीर की जन्मस्थली दिखाने के साथ ही काशी दर्शन की योजना बना रहे हैं।
पुरुषोत्तम ने बताया कि हमारे अतिथि ने कबीर पर कई पुस्तकें भी लिखी हैं। वे काशी आगमन को लेकर खासे उत्साहित हैं। उनका यह सफर यादगार बने, इसे लेकर हम भी पूरी तैयारी कर रहे हैं। सेंट जोंस स्कूल में अंग्रेजी की शिक्षक ऊषा कुमार (पुरुषोत्तम की पत्नी) बताती हैं कि उन्हें कबीर की जन्मस्थली लहरतारा और कबीरचौरा स्थित मूलगादी का भ्रमण कराएंगे। काशी के घाट और गलियों के साथ ही यहां के दर्शनीय स्थलों पर भी उन्हें ले जाने की योजना है। उन्होंने बताया कि उन्हें यहां के व्यंजनों का स्वाद भी दिलाएंगे। सिंधी काउंसिल लेडीज चैप्टर यूपी की अध्यक्ष ऊषा ने बताया कि सिंधी समाज की एक कार्यक्रम का आयोजन भी किया है। हरजानी 20 जनवरी को आएंगे।
काशीवासी प्रवासी भारतीय सम्मेलन में आने वाले मेहमानाें का लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा पर स्वागत कर सकेंगे। काशी आतिथ्य के तहत अपने घर में मेहमानों को ठहराने वाले लोगों की मांग पर प्रशासन ने उन्हें इसकी अनुमति दे दी है। इसे लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। कई लोग अतिथियों के स्वागत से लेकर उन्हें एयरपोर्ट पर छोड़ने और घुमाने तक की जिम्मेदारी संभालने की बात कह रहे थे, हालांकि प्रशासन ने इसे अतिथियों की स्वेच्छा पर छोड़ दिया है। माना जा रहा है कि इससे मेहमान व स्थानीय लोगों के बीच रिश्तों के तार मजबूत हो सकेंगे।
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पुरुषोत्तम ने बताया कि हमारे अतिथि ने कबीर पर कई पुस्तकें भी लिखी हैं। वे काशी आगमन को लेकर खासे उत्साहित हैं। उनका यह सफर यादगार बने, इसे लेकर हम भी पूरी तैयारी कर रहे हैं। सेंट जोंस स्कूल में अंग्रेजी की शिक्षक ऊषा कुमार (पुरुषोत्तम की पत्नी) बताती हैं कि उन्हें कबीर की जन्मस्थली लहरतारा और कबीरचौरा स्थित मूलगादी का भ्रमण कराएंगे। काशी के घाट और गलियों के साथ ही यहां के दर्शनीय स्थलों पर भी उन्हें ले जाने की योजना है। उन्होंने बताया कि उन्हें यहां के व्यंजनों का स्वाद भी दिलाएंगे। सिंधी काउंसिल लेडीज चैप्टर यूपी की अध्यक्ष ऊषा ने बताया कि सिंधी समाज की एक कार्यक्रम का आयोजन भी किया है। हरजानी 20 जनवरी को आएंगे।
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काशीवासी प्रवासी भारतीय सम्मेलन में आने वाले मेहमानाें का लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा पर स्वागत कर सकेंगे। काशी आतिथ्य के तहत अपने घर में मेहमानों को ठहराने वाले लोगों की मांग पर प्रशासन ने उन्हें इसकी अनुमति दे दी है। इसे लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। कई लोग अतिथियों के स्वागत से लेकर उन्हें एयरपोर्ट पर छोड़ने और घुमाने तक की जिम्मेदारी संभालने की बात कह रहे थे, हालांकि प्रशासन ने इसे अतिथियों की स्वेच्छा पर छोड़ दिया है। माना जा रहा है कि इससे मेहमान व स्थानीय लोगों के बीच रिश्तों के तार मजबूत हो सकेंगे।
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