फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों पर शोध जरूरी

जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों पर शोध जरूरी

Sun, 23 Dec 2018 02:35 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 23 Dec 2018 02:35 AM IST
विज्ञापन
जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों पर शोध जरूरी
वाराणसी। बीएचयू कृषि विज्ञान संस्थान में आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी में खाद्यान्न की कमी सहित खेती किसानी को नया आयाम दिलाने पर वैज्ञानिकों ने मंथन किया। शताब्दी कृषि सभागार में पहले दिन उद्घाटन समारोह में असम कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. अमरनाथ मुखोपाध्याय ने जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों की चर्चा करते हुए इस पर शोध के लिए युवा वैज्ञानिकों का आह्वान किया।
विज्ञापन

कृषि शिक्षा एवं शोध में वैश्विक साझेदारी विषयक संगोष्ठी में डॉ. मुखोपाध्याय ने कहा कि देश में खाद्यान्न की कमी नहीं है फिर भी जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के अनुसार शोध नहीं हुआ तो देश और किसान का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। डॉ. बीएल जलाली ने किसानों की समस्याओं पर ध्यान देने की बात कही। पौधा किस्म और कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. केवी प्रभु ने कहा कि किसानों को यह वैधानिक अधिकार है कि वे अपने बीजों का प्रयोग कर सकते है और उन्हें किसी को पैसे देने की आवश्यकता नहीं है। बताया कि प्राधिकरण की ओर से अपनी प्रजाति को संरक्षित करने वाले किसानों को पुरस्कार देने के साथ ही अन्य सहयोग भी किया जाता है। कहा कि इस दिशा में कम्यूनिटी जीन बैग बनाने की कवायद चल रही है। जिसके माध्यम से किसान विलुप्त हो रही प्रजातियों को संरक्षित कर सकते हैं। अतिथियों का स्वागत संस्थान के निदेशक प्रो.ए वैशंपायन ने किया। इस दौरान पुरातन छात्र परिषद के अध्यक्ष प्रो. रमेश कुमार सिंह, संकाय प्रमुख प्रो. वंदना बोस, प्रो. रमेश चंद्र, डॉ. वीके पांडेय, प्रो. पीके शर्मा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed