{"_id":"5c1410f3bdec2256e3527e6e","slug":"11544818931-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब हिंदी स्कूलों के बच्चे भी बोलेंगे वणक्कम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब हिंदी स्कूलों के बच्चे भी बोलेंगे वणक्कम
Updated Sat, 15 Dec 2018 01:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्कूलों में ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम में भाषा संगम पाठ्यक्रम शुरू
आठवीं तक के बच्चे सीख रहे 22 भारतीय भाषाओं के पांच-पांच वाक्य
वाराणसी। केंद्र सरकार के ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के तहत सभी राज्यों में कक्षा आठ तक के स्कूली बच्चों को 22 भाषाओं से परिचित कराया जा रहा है। 31 दिन के भाषा संगम पाठ्यक्रम में बच्चे हर दिन एक नई भाषा से जुड़ी जानकारियां मसलन, कैसे बोली जाती है, किस राज्य में बोली जाती है? के बारे में जानेंगे। बच्चों को भाषा से संबंधित पांच वाक्य भी सिखाए जा रहे हैं।
पाठ्यक्रम में संविधान की आठवीं अनुसूची में दर्ज असमी, बंगाली, बोडो, डोगरी, गुजराती, मलयालम, मणिपुरी, उड़िया, तमिल, तेलगू और उर्दू समेत 22 भाषाओं का सामान्य ज्ञान और इनके पांच वाक्य सिखाए जा रहे हैं। 20 नवंबर में शुरू हुआ यह पाठ्यक्रम 21 दिसंबर तक चलेगा। पाठ्यक्रम केवल जानकारी के लिहाज से लागू किया गया है। इसकी परीक्षा नहीं होगी। आने वाले दिनों में एससीईआरटी, बाइट, डाइट और सीटीई भी इसी योजना के तहत क्रैश कोर्स चलाएंगे।
बच्चोें को 15 को उड़िया, 16 को पंजाबी, 17 को संस्कृत, 18 को संथाली, 19 को सिंधी और 20 को तमिल भाषा का ज्ञान कराया जाएगा।
योजना का उद्देश्य बच्चों में भारत की भाषाई विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। स्कूलों प्रमुखों के लिए इस एक्टिविटी को यूट्यूब पर अपलोड करना जरूरी किया गया है।
विज्ञापन
- विजय प्रकाश सिंह, डीआईओएस
विज्ञापन
आठवीं तक के बच्चे सीख रहे 22 भारतीय भाषाओं के पांच-पांच वाक्य
वाराणसी। केंद्र सरकार के ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के तहत सभी राज्यों में कक्षा आठ तक के स्कूली बच्चों को 22 भाषाओं से परिचित कराया जा रहा है। 31 दिन के भाषा संगम पाठ्यक्रम में बच्चे हर दिन एक नई भाषा से जुड़ी जानकारियां मसलन, कैसे बोली जाती है, किस राज्य में बोली जाती है? के बारे में जानेंगे। बच्चों को भाषा से संबंधित पांच वाक्य भी सिखाए जा रहे हैं।
पाठ्यक्रम में संविधान की आठवीं अनुसूची में दर्ज असमी, बंगाली, बोडो, डोगरी, गुजराती, मलयालम, मणिपुरी, उड़िया, तमिल, तेलगू और उर्दू समेत 22 भाषाओं का सामान्य ज्ञान और इनके पांच वाक्य सिखाए जा रहे हैं। 20 नवंबर में शुरू हुआ यह पाठ्यक्रम 21 दिसंबर तक चलेगा। पाठ्यक्रम केवल जानकारी के लिहाज से लागू किया गया है। इसकी परीक्षा नहीं होगी। आने वाले दिनों में एससीईआरटी, बाइट, डाइट और सीटीई भी इसी योजना के तहत क्रैश कोर्स चलाएंगे।
विज्ञापन
बच्चोें को 15 को उड़िया, 16 को पंजाबी, 17 को संस्कृत, 18 को संथाली, 19 को सिंधी और 20 को तमिल भाषा का ज्ञान कराया जाएगा।
योजना का उद्देश्य बच्चों में भारत की भाषाई विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। स्कूलों प्रमुखों के लिए इस एक्टिविटी को यूट्यूब पर अपलोड करना जरूरी किया गया है।
विज्ञापन
- विजय प्रकाश सिंह, डीआईओएस