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जांच में देरी पर नोडल अफसर को नोटिस
Updated Sun, 05 Aug 2018 01:16 AM IST
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ज्ञानपुर। राज्य वित्त एवं 14वें वित्त से होने वाले विकास कार्यों में धांधली में फंसे जिले के 72 ग्राम प्रधानों की जांच में हो रही देरी पर जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने सख्ती दिखाई है। उन्होंने जांच के लिए नामित 72 नोडल अधिकारियों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। तीन दिन में जवाब न देने पर संबंधित जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। गांवों के विकास को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से तमाम योजनाएं चलाईं जा रहीं हैं। शौचालय, आवास, मनरेगा, खड़ंजा समेत दर्जन भर से अधिक विकास कार्य गांवों में राज्य एवं 14वें वित्त की धनराशि से कराई जाती है। प्रधान और सचिव की ओर से कराए जा रहे कार्यों में गड़बड़ी की आवाज भी उठती है। पिछले पांच महीने में जिले के सभी छह ब्लॉकों से 72 गांवों में धांधली की शिकायत आने पर डीएम ने जांच के लिए अधिकारी नामित कर दिए। करीब दो से पांच माह के दौरान आई शिकायतों की अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी। जांच पूर्ण न होने पर शिकायत करने वाले ग्रामीण दोबारा डीएम कार्यालय पहुंचे। डीएम ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच अधिकारियों को नोटिस भेजकर एक सप्ताह में जांच पूर्ण कर रिपोर्ट देने को कहा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किन कारणों से अब तक जांच नहीं हो सकी, उसे स्पष्ट करें। जिन गांवों की जांच अटकी है, उनमें सुरियावां ब्लॉक में भटेवरा, डीघ के मरसड़ा, दरवांसी, भमौरी, चकमानधाता, औराई के विष्णुपुर, सायर, भवानीपुर, रामापुर, खरगपुर, उधवामाफी, दवनपुर, चक निरंजन, मुहम्मदपुर, भमौरा, ज्ञानपुर में उमरिया समेत 72 गांव शामिल हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी बालेशधर द्विवेदी ने कहा कि डीएम का पत्र आने के बाद सभी जांच अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। जिन गांवों की जांच हो रही है, उनकी तत्काल जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। गौरतलब है कि गांवों में शौचालय, आवास समेत अन्य विकास कार्यों में व्यापक स्तर पर गड़बड़ी की जाती है। अधिकारियों की ओर से जांच की जाती है, लेकिन ज्यादातर गांवों की जांच लटक जाती है।
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